JPSC मेन्स परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कथित गड़बड़ियों पर BJP-BJYM का आयोग कार्यालय घेराव

झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मेन्स परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP और BJYM ने रांची में आयोग कार्यालय का घेराव किया तथा मामले की CBI जांच की मांग की।

Jul 23, 2026 - 12:45
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JPSC मेन्स परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कथित गड़बड़ियों पर BJP-BJYM का आयोग कार्यालय घेराव

UNITED NEWS OF ASIA. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मेन्स परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आयोग का यह फैसला प्रारंभिक परीक्षा (PT) के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद और जारी जांच के बीच सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है और विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ियों की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है। इसी बीच आयोग ने विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए मेन्स परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। आयोग के इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने रांची स्थित जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आयोग कार्यालय पहुंचे और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना जारी किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा परीक्षा संचालन का कार्य ऐसी एजेंसी को सौंपने पर भी सवाल उठाए गए, जिसे पहले दूसरे राज्य में ब्लैकलिस्ट किए जाने का दावा किया गया।

आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालांकि सुरक्षा बलों ने हालात पर नियंत्रण बनाए रखा।

परीक्षा स्थगित होने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसे विपक्ष के आंदोलन की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा स्थगित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

भाजपा ने कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, अभ्यर्थी भी अब आयोग की अगली घोषणा और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। JPSC की ओर से नई परीक्षा तिथि फिलहाल घोषित नहीं की गई है।