कोंडागांव गैंगरेप केस: पांच दोषियों को सजा, मुख्य आरोपी को उम्रकैद, चार को 20-20 साल का कठोर कारावास

कोंडागांव के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मुख्य आरोपी को उम्रकैद और चार अन्य को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता को 51 हजार रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया।

Jul 23, 2026 - 13:03
 0  2
कोंडागांव गैंगरेप केस: पांच दोषियों को सजा, मुख्य आरोपी को उम्रकैद, चार को 20-20 साल का कठोर कारावास

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में वर्ष 2024 में हुए चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने मुख्य आरोपी नंदकुमार पटेल को उम्रकैद और अन्य चार दोषियों कमलेश नेताम, लक्ष्मीनाथ नेताम, महेंद्र मरकाम और सोनाराम मरकाम को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

मामला केशकाल थाना क्षेत्र के आंवरी गांव का है। अभियोजन के अनुसार 9 अगस्त 2024 को पीड़िता अपनी दो सहेलियों के साथ सिलाई मशीन खरीदने के लिए केशकाल गई थी। शाम को लौटते समय उसने अपने परिचित कमलेश नेताम से घर छोड़ने के लिए संपर्क किया। कमलेश अपने साथी नंदकुमार पटेल के साथ मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा और पीड़िता व उसकी सहेली को साथ लेकर निकला।

आरोप है कि घर छोड़ने के बजाय दोनों पीड़िता को ग्राम आंवरी स्थित केकती प्लाट के जंगल क्षेत्र में ले गए, जहां पहले से बुलाए गए अन्य साथियों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान पीड़िता की एक सहेली मौके से भागने में सफल रही, जबकि पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपियों ने किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के बाद पीड़िता किसी तरह गांव पहुंची। भय और सामाजिक दबाव के कारण उसने तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई। बाद में 27 अगस्त 2024 को परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद 29 अगस्त 2024 को केशकाल थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने जांच पूरी कर सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को सिद्ध किया। विशेष न्यायालय ने मुख्य आरोपी नंदकुमार पटेल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं कमलेश नेताम, लक्ष्मीनाथ नेताम, महेंद्र मरकाम और सोनाराम मरकाम को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।

लोक अभियोजक हेमंत गोस्वामी ने बताया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी माना। अदालत ने पीड़िता को 51 हजार रुपये प्रतिकर देने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा शासन की पीड़ित सहायता योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय और कड़ी सजा का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।