नीट मुद्दे पर छात्रों पर कार्रवाई का शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने किया विरोध
पखांजूर में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता भोला पाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नीट परीक्षा से जुड़े आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक तरीके से उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता भोला पाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नीट परीक्षा से जुड़े आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि देशभर से आए छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं और संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद मार्च का आह्वान किया गया था।
प्रेस विज्ञप्ति में भोला पाल ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के लिए आगे बढ़ रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।
भोला पाल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थी शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक तरीके से व्यवहार करने की मांग की।
भोला पाल ने कहा कि देश के युवा, बेरोजगार, किसान, मजदूर और आम नागरिक विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार है और सरकार को विरोध प्रदर्शनों को दमन के बजाय संवाद के माध्यम से संबोधित करना चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शी और न्यायसंगत निर्णय लिए जाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से जारी इस बयान में छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सकारात्मक संवाद स्थापित करने की अपील की गई है।