फेक पोस्टों पर दिल्ली पुलिस सख्त, 15 फेक न्यूज का किया खंडन; अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

सीजेपी प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी पोस्ट, वीडियो और ऑडियो के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने 15 से अधिक फेक न्यूज का खंडन करते हुए चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Jul 23, 2026 - 11:42
 0  2
फेक पोस्टों पर दिल्ली पुलिस सख्त, 15 फेक न्यूज का किया खंडन; अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। सीजेपी के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने 15 से अधिक फेक न्यूज, भ्रामक पोस्ट, वीडियो और ऑडियो का आधिकारिक तौर पर खंडन किया है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि झूठी जानकारी फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आंदोलन से जुड़े कई वीडियो, तस्वीरें और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ के साथ प्रसारित किए जा रहे हैं। साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां इन वायरल कंटेंट की लगातार निगरानी कर रही हैं और उनके मूल स्रोतों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि फर्जी सामग्री तैयार करना, उसे साझा करना या अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है।

पुलिस की जांच में कई वायरल दावे पूरी तरह झूठे या भ्रामक पाए गए हैं। इनमें 12 वर्षीय बच्ची और महिला प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस द्वारा मारपीट, सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी, लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ में एक युवती की मौत तथा पुलिस द्वारा पेलेट गन और कील लगे डंडों के इस्तेमाल जैसे दावे शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन सभी दावों की जांच की गई और इनमें कोई सत्यता नहीं मिली।

जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे कई वीडियो वर्तमान प्रदर्शन स्थल के नहीं थे। कुछ वीडियो पुराने घटनाक्रम के थे, जबकि कुछ को दूसरे स्थानों का बताकर साझा किया गया। पुलिस ने कहा कि ऐसे वीडियो लोगों को भ्रमित करने और तनाव बढ़ाने की नीयत से प्रसारित किए गए।

दिल्ली पुलिस एक वायरल ऑडियो क्लिप की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आवाज के साथ छेड़छाड़ कर ऑडियो तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। पुलिस का कहना है कि इस ऑडियो में मूल संदेश को एडिट कर भ्रामक रूप दिया गया है। मामले की तकनीकी जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इसे किसने तैयार किया तथा किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में पाकिस्तान आधारित कुछ सोशल मीडिया हैंडलर्स की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच जारी है।

फर्जी सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष फैक्ट-चेक टीम का गठन किया है। यह टीम सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले प्रत्येक वीडियो, फोटो और ऑडियो की डिजिटल फुटप्रिंट, मेटाडेटा, डेटाबेस और अन्य तकनीकी माध्यमों से जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों पर हमले, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े वायरल वीडियो का मिलान सीसीटीवी फुटेज, AI आधारित कैमरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि AI कैमरों की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच होगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या ऑडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें और अपुष्ट जानकारी को आगे न बढ़ाएं।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार ही अफवाहों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसलिए फर्जी खबरों के प्रसार से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।