चिरमिरी में मुख्य मार्ग पर मृत मिला भालू, वन विभाग और एसईसीएल की लापरवाही पर उठे सवाल

चिरमिरी के डोमन हिल मुख्य मार्ग पर एक जंगली भालू मृत अवस्था में मिला। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। भालू की मौत के कारणों की जांच और पोस्टमार्टम की मांग उठ रही है।

Jul 23, 2026 - 13:52
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चिरमिरी में मुख्य मार्ग पर मृत मिला भालू, वन विभाग और एसईसीएल की लापरवाही पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत कुमार, चिरमिरी l मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के चिरमिरी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के डोमन हिल मुख्य मार्ग स्थित देवा इंकलाइन के पास एक जंगली भालू मृत अवस्था में मिला। मुख्य सड़क किनारे भालू का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।

घटना चिरमिरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की है, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी वन विभाग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद काफी समय तक संबंधित वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भालू का शव मुख्य मार्ग के किनारे घास के पास पड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। लोगों ने वन विभाग और एसईसीएल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों और जंगल क्षेत्र के बीच समुचित समन्वय की कमी के कारण वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि चिरमिरी क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही रहती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी, नियमित गश्त और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। उनका आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण वन्यजीवों की जान खतरे में पड़ रही है।

फिलहाल भालू की मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी है और मांग की है कि मृत भालू का पोस्टमार्टम कराकर मौत के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं की वैज्ञानिक जांच जरूरी होती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत प्राकृतिक कारणों, दुर्घटना, बीमारी या किसी अन्य वजह से हुई है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण, वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजर वन विभाग की जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।