आज़ाद कुटिया में कांग्रेस का विशाल धरना-प्रदर्शन, महेश पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे
चंद्रशेखर आज़ाद की 120वीं जयंती पर भाबरा स्थित आज़ाद कुटिया में कांग्रेस और आदिवासी विकास परिषद ने संयुक्त रूप से विशाल धरना-प्रदर्शन, श्रद्धांजलि सभा और जनसभा आयोजित की। कार्यक्रम में शिक्षा, आदिवासी हित, क्षेत्रीय विकास, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 120वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को भाबरा स्थित आज़ाद कुटिया में कांग्रेस और आदिवासी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विशाल धरना-प्रदर्शन, श्रद्धांजलि सभा और जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, युवा और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आज़ाद कुटिया परिसर में शांतिपूर्ण धरना दिया और सामूहिक रूप से "रघुपति राघव राजा राम" भजन का गायन करते हुए अपनी मांगें रखीं।
जनसभा को संबोधित करते हुए महेश पटेल ने शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, युवाओं के भविष्य, आदिवासी समाज की समस्याओं और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रहे विवादों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की।
सभा में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेताओं ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय जनता के मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान जिले में हाल ही में आदिवासी महिला के साथ हुई घटना का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी कई स्थानीय मांगें रखी गईं। इनमें भाबरा के 100 बिस्तरीय अस्पताल का पूर्ण संचालन, अम्बुआ-सेजावाड़ा सड़क निर्माण कार्य में तेजी तथा भूराघाटा में तालाब निर्माण कर नगर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान शामिल रहा।
सभा में स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान का विषय भी प्रमुखता से उठा। महेश पटेल ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद सहित स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जाना चाहिए तथा उनके सम्मान में स्मारक और प्रतिमाएं स्थापित की जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प लिया। "चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें", "भारत माता की जय", "नीट छात्रों को न्याय दो" और "लोकतंत्र बचाओ" जैसे नारों से आज़ाद कुटिया परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम में हरीश भाबर, लाइक शेख, खुर्शीद अली दीवान, मदन डावर, कैलाश चौहान, अंगर सिंह चौहान, तरुण मंडलोई, आदिल खान, इकराम अजनार, कपिल सोनी, मयंक सोनी, बाबू मावी, शोएब खान, इरफान मंसूरी, पिंटू मकवाना, मनीष डामोर, अभय सिंह, जुवान सिंह, कादरिया, कालू नारका, दल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे।