मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में तेजी, रेलवे ने साझा किया निर्माण कार्य का ताजा अपडेट

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण तेजी से जारी है। भारतीय रेलवे और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अनुसार परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त 2027 तक शुरू होने की संभावना है। 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर 12 स्टेशन होंगे और बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मुंबई से अहमदाबाद की दूरी लगभग दो घंटे में तय करेगी।

Jul 23, 2026 - 16:43
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में तेजी, रेलवे ने साझा किया निर्माण कार्य का ताजा अपडेट

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत 508 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर ट्रैक, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। भारतीय रेलवे और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त 2027 तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

यह हाई-स्पीड रेल परियोजना जापान की अत्याधुनिक शिंकानसेन तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य देश के दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों, मुंबई और अहमदाबाद, के बीच यात्रा समय को काफी कम करना है। वर्तमान में जहां इस दूरी को पार करने में सामान्य ट्रेनों से लगभग छह घंटे का समय लगता है, वहीं बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद यह यात्रा करीब दो घंटे में पूरी होने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत पहली बार भारत में 2×25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह आधुनिक विद्युत प्रणाली 320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए विकसित की गई है। इस तकनीक को भारत में पहली बार किसी रेल परियोजना में लागू किया जा रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई (बीकेसी), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। परियोजना पूरी होने के बाद इन शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल संपर्क उपलब्ध होगा।

हाल ही में यह परियोजना उस समय चर्चा में आई जब जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया पर परियोजना में हुई देरी को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि परियोजना की प्रगति में भारतीय पक्ष के कुछ निर्णयों के कारण विलंब हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि शिंकानसेन की मूल सिग्नलिंग प्रणाली को परियोजना में पूरी तरह शामिल नहीं किए जाने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं। हालांकि भारतीय एजेंसियों की ओर से परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई है।

करीब दो लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जापान की अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी JICA का वित्तीय सहयोग प्राप्त है। एजेंसी लगभग 88 हजार करोड़ रुपये का ऋण 0.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करा रही है। यह ऋण 50 वर्षों की अवधि के लिए है, जिसमें शुरुआती 15 वर्षों तक मूल राशि चुकाने की आवश्यकता नहीं होगी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। इसके पूरा होने से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की शुरुआत होगी, यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक गतिविधियों के साथ औद्योगिक एवं व्यापारिक संपर्क को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।