पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, त्रिमुला इंडस्ट्रीज की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने के आदेश

सिंगरौली जिले के देवसर स्थित मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कलेक्टर गौरव बैनल की अनुशंसा पर उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद करने और बिजली आपूर्ति विच्छेदित करने के निर्देश जारी किए हैं।

Jul 18, 2026 - 12:50
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पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, त्रिमुला इंडस्ट्रीज की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने के आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवसर विकासखंड के गोंदवाली स्थित मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड की उत्पादन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कलेक्टर गौरव बैनल की अनुशंसा पर यह कार्रवाई करते हुए उद्योग की बिजली आपूर्ति भी विच्छेदित करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार 9 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम द्वारा उद्योग का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर पर्यावरणीय अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि उद्योग में स्थापित प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का समुचित संचालन नहीं किया जा रहा था, जिससे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा था।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि उद्योग की चिमनी से अत्यधिक धूलयुक्त उत्सर्जन हो रहा था, जो निर्धारित वायु गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था। इसके अलावा ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (Online Monitoring System) में भी तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट एवं खतरनाक अपशिष्ट के प्रबंधन में भी गंभीर कमियां दर्ज की हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन माना गया।

इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। आदेश के तहत उद्योग की उत्पादन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति विच्छेदित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं, ताकि उद्योग आगे किसी भी प्रकार का संचालन न कर सके।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उद्योग को दोबारा संचालन की अनुमति तभी दी जाएगी, जब निरीक्षण में चिन्हित सभी कमियों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा और उद्योग पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन करेगा। इसके लिए उद्योग प्रबंधन को प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी होंगी तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करना होगा।

प्रशासन का कहना है कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसी भी उद्योग द्वारा पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अन्य उद्योगों को भी पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन करने का संदेश मिलेगा।

जिले में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।