पुलिया नहीं होने से बारिश में कट जाता है बुधराम पारा, 60-70 परिवारों ने लगाई निर्माण की गुहार
दंतेवाड़ा जिले के भांसी क्षेत्र के बुधराम पारा में पुलिया नहीं होने से बारिश के दौरान 60 से 70 परिवारों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। स्कूली बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलिया निर्माण की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l जिले के भांसी क्षेत्र अंतर्गत बुधराम पारा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। लगभग 60 से 70 परिवारों की आबादी वाले इस पारा में आज तक आवागमन के लिए स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क लगभग पूरी तरह कट जाता है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार बुधराम पारा चारों ओर नाले से घिरा हुआ है। सामान्य दिनों में भी आवागमन आसान नहीं रहता, लेकिन बारिश शुरू होते ही नाले में जलस्तर बढ़ने से गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय, श्रम और आर्थिक बोझ तीनों बढ़ जाते हैं।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। बरसात के दिनों में बच्चों का नियमित रूप से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। कई बार खराब रास्ते और जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया का निर्माण हो जाए तो बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी और वे सुरक्षित तरीके से स्कूल आ-जा सकेंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से भी स्थिति चिंताजनक है। किसी व्यक्ति के अचानक बीमार होने या दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस का गांव तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। कई बार मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे उपचार मिलने में देरी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है।
मौके पर देखने से यह भी स्पष्ट होता है कि बुधराम पारा तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह कच्ची है। रास्ता खेतों की मेड़ जैसा दिखाई देता है और बारिश के दौरान कीचड़ से भर जाता है। फिसलन के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो जाती है, जिससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले पर जल्द से जल्द एक मजबूत पुलिया का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि पुलिया बनने से न केवल गांव का संपर्क पूरे वर्ष बना रहेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। इससे क्षेत्र के लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और बरसात के मौसम में होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे इस समस्या को लेकर प्रशासन के समक्ष मांग रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए पुलिया निर्माण की दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि आने वाले समय में बारिश के दौरान गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से न कटे और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।