कार्यक्रम में जिला उपभोक्ता फोरम की सदस्य शीबा खान, खाद्य एवं औषधि विभाग, नाप-तौल विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रतिनिधि, सहायक खाद्य अधिकारी तथा जिले के सभी खाद्य निरीक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के समय सावधानी बरतने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं को सामान खरीदते समय सही कीमत, सही मात्रा और अच्छी गुणवत्ता की जांच अवश्य करनी चाहिए। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा पैकेजिंग से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई कि किसी भी वस्तु को खरीदते समय उसकी एमआरपी दर, आईएसआई मार्क, उत्पाद तिथि और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि खरीदे गए सामान का बिल लेना अनिवार्य है, क्योंकि बिल होने से उपभोक्ता किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत दर्ज करा सकता है। पैक्ड वस्तुओं को खरीदते समय उनके वजन को भी तौलकर सुनिश्चित करने की बात कही गई।
जिला खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही ठगी और अनियमितताओं से बच सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वस्तु को खरीदते समय उसका बिल अवश्य लें, ताकि जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है।
कार्यक्रम के दौरान जिला उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधियों ने बताया कि छोटी से छोटी राशि के नुकसान से लेकर बड़े मामलों तक उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया काफी सरल है और इसके लिए ई-दाखिला (e-filing) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई की जाती है और सामान्यतः तीन माह के भीतर उसका निराकरण कर दिया जाता है। जिला उपभोक्ता आयोग कबीरधाम में वर्ष 2000 से 2025 तक कुल 771 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 754 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
उपभोक्ता e-jagriti.gov.in पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं और ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई में भी भाग ले सकते हैं। आयोग द्वारा उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक पीड़ा के लिए भी क्षतिपूर्ति दिलाई जाती है।
इस अवसर पर एएफओ दलेश्वर साहू, अधिवक्ता गण, पेट्रोल पंप संचालक, खाद्य निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक बनाकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था।