NEET पेपर लीक विवाद: CJP ने PM मोदी से इस्तीफे की मांग की, सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर बढ़ा राजनीतिक विवाद

NEET पेपर लीक विवाद के बीच जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। CJP ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का उल्लंघन किया गया है, जबकि पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों और अदालत के निर्देशों के तहत कार्रवाई की गई।

Jul 18, 2026 - 13:48
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NEET पेपर लीक विवाद: CJP ने PM मोदी से इस्तीफे की मांग की, सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर बढ़ा राजनीतिक विवाद

UNITED NEWS OF ASIA. NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए की गई। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक था, इसलिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

दूसरी ओर, CJP ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "Modi Must Resign" यानी "मोदी को इस्तीफा देना चाहिए।" पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

इससे पहले CJP आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी, लेकिन अब पार्टी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। पार्टी का आरोप है कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है और सरकार इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने में विफल रही है।

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन की कमान संभालने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने देशभर के लोगों से अपने-अपने शहरों और गांवों में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।

अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध धरना स्थल से हटाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कुछ विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

NEET पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार, विपक्ष और आंदोलनकारी संगठनों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।