नीट अभ्यर्थी की मौत पर परिजनों से मिले दीपक बैज, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर
जगदलपुर में नीट परीक्षा में असफल रहने के बाद एक छात्रा की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, समय पर परामर्श और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में नीट परीक्षा में लगातार असफल रहने के बाद एक छात्रा की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा निवासी 20 वर्षीय सुरला हारिका राव नायडू की हाल ही में मृत्यु हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद दीपक बैज पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
दीपक बैज ने दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव, लगातार असफलता का मानसिक बोझ और पर्याप्त मनोवैज्ञानिक सहयोग का अभाव अनेक विद्यार्थियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। उनके अनुसार विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
दीपक बैज ने कहा कि परिवार, समाज, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार को मिलकर ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां असफलता को जीवन का अंत नहीं बल्कि सीख और आगे बढ़ने का अवसर माना जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय पर उचित मार्गदर्शन, मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए परामर्श व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र को मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि ऐसे कठिन समय में विद्यार्थियों को आवश्यक सहयोग मिल सके।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दीपक बैज ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और कहा कि समाज के सभी वर्गों को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।