अभिजीत दीपके का आरोप है कि दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन जंतर-मंतर से अस्पताल लेकर गई। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप की गई। पुलिस के अनुसार लंबे समय से जारी अनशन के कारण सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल ले जाना आवश्यक था।
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और सभी समर्थक अपने-अपने शहरों एवं गांवों में कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें। दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाना है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से बचना चाहिए।
पुलिस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों की भीड़ अचानक मंच की ओर बढ़ी और सुरक्षा के लिए लगाई गई कुछ बैरिकेडिंग को हटाने की कोशिश की गई। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई तथा पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
आंदोलन में कई छात्र संगठन भी सक्रिय बने हुए हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बावजूद उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सभी समर्थक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं तथा किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था का उल्लंघन न करें।
इधर, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। फिलहाल जंतर-मंतर और सफदरजंग अस्पताल दोनों स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जबकि आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है।