सोनम वांगचुक की पत्नी का अस्पताल को अल्टीमेटम, बोलीं- मेरी अनुमति के बिना पति को कुछ भी न दिया जाए

भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल में भर्ती किए गए सोनम वांगचुक को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी और परिवार के चिकित्सकों की अनुमति के बिना वांगचुक को मुंह या नस के जरिए कुछ भी न दिया जाए। वहीं सोनम वांगचुक ने अस्पताल ले जाए जाने से पहले 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अपील की थी।

Jul 18, 2026 - 13:12
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सोनम वांगचुक की पत्नी का अस्पताल को अल्टीमेटम, बोलीं- मेरी अनुमति के बिना पति को कुछ भी न दिया जाए

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो का बयान सामने आया है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा है कि उनकी अनुमति और परिवार के चिकित्सकों की सहमति के बिना सोनम वांगचुक को न तो मुंह के जरिए कुछ दिया जाए और न ही नसों के माध्यम से कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए।

गीतांजलि जे अंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौजूद हैं, जहां सोनम वांगचुक का उपचार चल रहा है। उन्होंने लिखा कि पिछले 20 दिनों से वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर रखने वाले चिकित्सकों और परिवार की मंजूरी के बिना अस्पताल कोई चिकित्सकीय हस्तक्षेप न करे। उनका कहना है कि यह उनका कानूनी अधिकार है और किसी भी प्रकार का उपचार उनकी सहमति के बाद ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि शुक्रवार तक सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर थी और उन्हें अस्पताल लाने की आवश्यकता नहीं थी। उनके अनुसार, बिना सहमति के किसी प्रकार का चिकित्सकीय उपचार या पोषण देना उचित नहीं होगा। उन्होंने अपने बयान में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 का भी उल्लेख करते हुए अपने अधिकारों की बात कही।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा नीट परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इसी दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया।

अस्पताल ले जाए जाने से पहले सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर का लगभग 20 प्रतिशत वजन कम हो चुका है और मांसपेशियां भी प्रभावित हुई हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा था कि उनका मनोबल मजबूत है और वह अपनी मांगों पर अडिग हैं।

वीडियो संदेश में उन्होंने देशवासियों से 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि अन्य जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही तय की जा सकती है, तो शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा से जुड़े विवादों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। फिलहाल सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी जारी है, जबकि अस्पताल में भर्ती किए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।