16 दवा कॉम्बिनेशन पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, एंटीबायोटिक और डायबिटीज की दवाएं भी शामिल

केंद्र सरकार ने मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित दवाओं में एंटीबायोटिक, पेट दर्द और मधुमेह के उपचार में उपयोग होने वाले कई दवा संयोजन शामिल हैं।

Jun 20, 2026 - 16:38
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16 दवा कॉम्बिनेशन पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, एंटीबायोटिक और डायबिटीज की दवाएं भी शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के वैज्ञानिक उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित दवाओं में एंटीबायोटिक, पेट दर्द, ऐंठन और मधुमेह के उपचार में उपयोग किए जाने वाले कई दवा संयोजन शामिल हैं। इसके अलावा कुछ त्वचा एवं कॉस्मेटिक उत्पादों को भी इस कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इन दवाओं की समीक्षा विशेषज्ञ समिति, ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) और उसकी उप-समिति द्वारा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि इन दवा संयोजनों के उपयोग का पर्याप्त वैज्ञानिक या चिकित्सीय आधार उपलब्ध नहीं है। इसके बाद केंद्र सरकार ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत इन दवाओं की बिक्री, वितरण और निर्माण पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।

प्रतिबंधित दवा संयोजनों में Amoxicillin + Serratiopeptidase, Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes, Cefuroxime + Serratiopeptidase और Cefadroxyl + Probenecid जैसे एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दवाओं में शामिल कुछ घटकों को एक साथ देने से कोई अतिरिक्त चिकित्सीय लाभ साबित नहीं हुआ है, जबकि इससे अनावश्यक दुष्प्रभावों का जोखिम बढ़ सकता है।

सरकार ने पेट दर्द और ऐंठन के उपचार में उपयोग होने वाले Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide दवा संयोजन पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा मधुमेह के उपचार में इस्तेमाल होने वाली Gliclazide + Chromium Picolinate दवा को भी प्रतिबंधित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज प्रबंधन के लिए मानक चिकित्सा दिशानिर्देशों में Chromium Picolinate के उपयोग की स्पष्ट अनुशंसा नहीं की जाती।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं का उपयोग तभी उचित माना जाता है जब उनके संयुक्त उपयोग से मरीज को स्पष्ट लाभ मिले और उनकी सुरक्षा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो। जिन दवाओं में यह लाभ सिद्ध नहीं हो पाता, वे मरीजों के लिए अनावश्यक जोखिम पैदा कर सकती हैं।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि दवाओं के निर्माण और उपयोग में वैज्ञानिक प्रमाणों तथा मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि ऐसे दवा संयोजन जो अतिरिक्त लाभ नहीं देते और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं, उन्हें बाजार में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। यदि कोई मरीज इन प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग कर रहा है तो उसे अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर वैकल्पिक उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। सरकार की इस कार्रवाई को दवा सुरक्षा और तर्कसंगत चिकित्सा उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।