चांदनी-रतागढ़ सड़क पर गिट्टी बिछाने से बढ़ी परेशानी, किसानों ने डामरीकरण नहीं हुआ तो आंदोलन की दी चेतावनी
नेपानगर के चांदनी-रतागढ़ मार्ग पर गड्ढों में गिट्टी और चूरी डालने के बाद सड़क की स्थिति और खराब होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। किसानों का कहना है कि डामरीकरण नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर l बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र स्थित चांदनी-रतागढ़ डामरीकरण सड़क को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर खबर प्रसारित होने के बाद विभाग ने गड्ढों की मरम्मत के बजाय केवल गिट्टी और चूरी डालकर औपचारिकता पूरी कर दी, जिससे सड़क पहले से अधिक खतरनाक हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर गिट्टी और चूरी डालने के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद श्रमिकों से सड़क का सही तरीके से डामरीकरण कराने की मांग भी की, लेकिन उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और गड्ढों में केवल गिट्टी व चूरी डालकर काम पूरा कर दिया गया।
लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर फैली गिट्टी और चूरी जगह-जगह फैल गई है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क फिसलन भरी होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में एक किसान का बेटा मोटरसाइकिल से गुजरते समय गिट्टी पर फिसलकर गिर गया, जिससे वह घायल हो गया और उसे अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। इसके अलावा प्रतिदिन इस मार्ग से आने-जाने वाली महिला शिक्षिकाओं सहित कई अन्य वाहन चालक भी फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि पूरे मार्ग का गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का स्थायी निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करेंगे और जिला कलेक्टर से मिलकर सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से खराब सड़क के कारण आमजन, किसान, विद्यार्थी और कर्मचारी सभी परेशान हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जिम्मेदारी सुनिश्चित किए बिना केवल अस्थायी मरम्मत करना समस्या को और गंभीर बना रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण कर जल्द से जल्द डामरीकरण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।