महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- चुनावों में जनता बताएगी ‘आटे-दाल का भाव’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आटा, दाल और खाद्य तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों का असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर महंगाई के वास्तविक प्रभाव को आंकड़ों के जरिए छिपाने का आरोप लगाया और आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए केंद्र से जवाब मांगा।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। महंगाई के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 19 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने आटा, दाल और खाद्य तेल जैसी वस्तुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रसोई का खर्च बढ़ने से परिवारों के सामने आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। जयराम रमेश के इन बयानों की रिपोर्ट समाचार एजेंसियों और विभिन्न मीडिया संस्थानों ने भी प्रकाशित की है।
जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी की थाली महंगी होती जा रही है, जबकि सरकार आंकड़ों के माध्यम से महंगाई पर नियंत्रण का दावा कर रही है। उन्होंने इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ बताते हुए सरकार पर महंगाई के वास्तविक प्रभाव को पर्याप्त रूप से सामने नहीं रखने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि बढ़ती कीमतों का असर करोड़ों परिवारों पर पड़ रहा है और कुछ बड़े कारोबारी वर्गों को इसका लाभ मिल रहा है। ये दावे कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
महंगाई के आंकड़ों को लेकर हाल में जारी सरकारी आंकड़ों में भी अलग-अलग सूचकांकों की स्थिति सामने आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अगस्त 2026 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI की प्रेस विज्ञप्ति 14 सितंबर को जारी की थी। CPI खुदरा स्तर पर उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को मापने वाला प्रमुख सूचकांक है।
इससे पहले अगस्त 2026 के थोक मूल्य सूचकांक यानी WPI के आंकड़ों में महंगाई दर 9.92 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो जुलाई के 9.78 प्रतिशत से अधिक थी। अगस्त में थोक खाद्य महंगाई दर 7.05 प्रतिशत रही, जबकि जुलाई में यह 6.65 प्रतिशत थी। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
जयराम रमेश ने अपने बयान में आगामी विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा का नाम लेते हुए कहा कि महंगाई से प्रभावित जनता चुनावों में केंद्र सरकार से जवाब मांगेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि इन राज्यों की जनता चुनावों के दौरान ‘आटे-दाल का भाव’ बताएगी। यह बयान कांग्रेस नेता का राजनीतिक दावा और टिप्पणी है, न कि चुनावी परिणाम का पूर्वानुमान।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से खाद्य वस्तुओं और रसोई की आवश्यक चीजों की कीमतों को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि महंगाई से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार को ठोस नीतिगत उपाय करने चाहिए। वहीं, महंगाई की स्थिति को समझने के लिए CPI और WPI जैसे आधिकारिक सूचकांकों के आंकड़े अलग-अलग स्तरों पर कीमतों में बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के दावों के साथ आधिकारिक आंकड़ों को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।