तिरुपति लड्डू विवाद में ED की कार्रवाई, सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार

तिरुपति लड्डू प्रसाद के लिए कथित तौर पर मिलावटी घी की सप्लाई से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है। ED के अनुसार, जांच में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलिन और विभिन्न रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल से कथित तौर पर मिलावटी घी तैयार करने और उसे गाय के घी के रूप में सप्लाई करने की बात सामने आई है।

Sep 19, 2026 - 17:20
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तिरुपति लड्डू विवाद में ED की कार्रवाई, सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. तिरुपति। तिरुपति लड्डू प्रसाद के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले घी की कथित मिलावट से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को कथित तौर पर धोखाधड़ी के जरिए मिलावटी घी की सप्लाई से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। ED के अनुसार, मंगला को 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद स्थित एजेंसी के कार्यालय में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विशाखापत्तनम में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ED ने अपनी जांच के आधार पर आरोप लगाया है कि तिरुपति लड्डू प्रसाद के लिए सप्लाई किए गए कथित मिलावटी घी को रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलिन और कई रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल से तैयार किया गया था। एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए पदार्थों में MG-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवासेट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर शामिल थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि तैयार किए गए इस उत्पाद को TTD के इस्तेमाल के लिए ‘एगमार्क स्पेशल ग्रेड काउ घी’ के रूप में सप्लाई किया गया।

एजेंसी ने दावा किया है कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच TTD को कथित तौर पर सप्लाई किए गए घी से संबंधित धोखाधड़ी की कीमत करीब 230 करोड़ रुपये थी। ED के अनुसार, इस राशि में से लगभग 96 करोड़ रुपये मूल्य का कथित मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला की ओर से तैयार किया गया था। जांच एजेंसी ने उन्हें इस कथित साजिश में शामिल लोगों में से एक बताया है और आरोप लगाया है कि उन्होंने मिलावट में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की खरीद में मदद की तथा अपनी फैक्ट्री में कथित तौर पर मिलावटी घी तैयार किया।

ED का आरोप है कि मंगला ने कई फ्रंट कंपनियों के माध्यम से कथित मिलावटी घी की सप्लाई का नेटवर्क संचालित किया। एजेंसी के मुताबिक, श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और ए.आर. डेयरी फूड्स जैसी कंपनियों के जरिए सप्लाई की व्यवस्था की गई। जांच एजेंसी ने इन कंपनियों को कथित तौर पर फ्रंट कंपनियों के रूप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है।

जांच के दौरान ED ने यह भी आरोप लगाया कि घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। एजेंसी के अनुसार, इन रिकॉर्ड के जरिए मिलावटी सामग्री के वास्तविक इस्तेमाल को छिपाने और वास्तविक गाय के घी के उत्पादन एवं सप्लाई का स्वरूप दिखाने का प्रयास किया गया। ED का कहना है कि यह पूरी गतिविधि TTD को कथित तौर पर मिलावटी घी की सप्लाई से जुड़ी बड़ी साजिश का हिस्सा थी।

इस मामले में ED की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। एजेंसी ने इसी तरह के आरोपों से जुड़े मामले में ‘भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क’ के प्रमोटर और डायरेक्टर विपिन जैन को भी गिरफ्तार किया था। ताजा गिरफ्तारी के बाद जांच में कथित सप्लाई नेटवर्क, कंपनियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे बढ़ने की बात कही गई है।

तिरुपति लड्डू विवाद के बाद प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता और सप्लाई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे। अब ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कथित वित्तीय लेनदेन और सप्लाई-चेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, ED की ओर से लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं और मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।