PM मोदी ने NGT Mobile App किया लॉन्च, पर्यावरण मामलों की जानकारी अब मोबाइल पर मिलेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। ऐप के जरिए मामलों की स्थिति, कॉज लिस्ट, आदेश और फैसलों से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर देखी जा सकेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT की ओर से 19 और 20 सितंबर को किया जा रहा है। सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के साथ पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।
इस अवसर पर NGT का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय हरित अधिकरण से जुड़े मामलों की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ऐप के जरिए यूजर्स पर्यावरण से जुड़े मामलों की स्थिति, कॉज लिस्ट, आदेश और जजमेंट जैसी जानकारी देख सकेंगे। इससे संबंधित पक्षों और आम यूजर्स को मामलों की जानकारी हासिल करने के लिए डिजिटल माध्यम से सुविधा मिलने की उम्मीद है।
NGT पर्यावरण से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे से संबंधित एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है। इसके अधिकार क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों और पर्यावरणीय क्षति से संबंधित विषय आते हैं। नए मोबाइल ऐप के जरिए इन मामलों से जुड़ी जानकारी तक पहुंच को अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर भारत की परंपरा और मौजूदा प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन से संबंधित भारत की पहलों पर भी बात रखी। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को भारत की विकास प्रक्रिया से जोड़ते हुए विभिन्न पहलों का जिक्र किया।
सम्मेलन में भारत सहित 17 देशों के न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, जिला न्यायालयों के न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य अलग-अलग देशों के न्यायिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक जानकारी और पर्यावरणीय शासन से जुड़े अनुभवों पर संवाद करना है।
कार्यक्रम में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी नीतियों के निर्माण, उनके क्रियान्वयन और प्रभावी प्रवर्तन से संबंधित चुनौतियों पर भी चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही पर्यावरणीय शासन व्यवस्था और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। इस सम्मेलन को पर्यावरण से जुड़े न्यायिक और प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान के मंच के रूप में आयोजित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 2 गीगावाट थी, जो अब 160 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा पर भारत के बढ़ते फोकस का भी उल्लेख किया।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और न्यायिक संवाद के जरिए मामलों की जानकारी तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में NGT मोबाइल ऐप को एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। ऐप के जरिए केस स्टेटस, कॉज लिस्ट और आदेश जैसी जानकारियां मोबाइल पर उपलब्ध होने से NGT से जुड़े मामलों की निगरानी और जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 20 सितंबर तक चलेगा। इसमें पर्यावरण और जलवायु से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों और न्यायिक प्रतिनिधियों के बीच चर्चा जारी रहेगी।