नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार, गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के समय को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस के अनुसार प्रधान के खिलाफ पुराना गिरफ्तारी वारंट लंबित था और चुनाव के दौरान ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही थी। कांग्रेस ने नामांकन वापस नहीं लेने और चुनावी अभियान जारी रखने की बात कही है।

Sep 19, 2026 - 15:26
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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार, गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पुलिस ने प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। घटनाक्रम के समय को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मिलन प्रधान का नामांकन वापस नहीं लेगी और उनकी गिरफ्तारी के बावजूद नंदीग्राम में चुनावी अभियान जारी रखा जाएगा। वेणुगोपाल ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और विरोध प्रदर्शन तेज करने की बात भी कही। उनके आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनका बीजेपी ने खंडन किया है।

गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का पक्ष कांग्रेस के आरोपों से अलग है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रधान के खिलाफ पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट लंबित था और उन्हें किसी अदालत से कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, चुनाव के दौरान पुराने लंबित गिरफ्तारी वारंट की स्थिति की समीक्षा की जा रही थी और इसी प्रक्रिया में प्रधान के खिलाफ वारंट सामने आया। पुलिस ने कार्रवाई का संबंध चुनावी घटनाक्रम से होने से इनकार किया है।

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से पहले नंदीग्राम में एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने उपचुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की। इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई। उपलब्ध रिपोर्टों में गिरफ्तारी का कारण पुराने मामले में लंबित वारंट बताया गया है।

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है। यह सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई थी। मिलन प्रधान कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह चुनावी प्रक्रिया से पीछे नहीं हटेगी और समर्थकों के जरिए अभियान जारी रखने की बात कही है।

इस पूरे मामले में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की। इस तरह नंदीग्राम उपचुनाव से पहले उम्मीदवार की गिरफ्तारी अब चुनावी राजनीति के साथ-साथ पुराने कानूनी मामले को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।