राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर केजरीवाल का हमला, FIR नहीं होने पर उठाए सवाल

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि की कथित चोरी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अरविंद केजरीवाल ने FIR दर्ज नहीं होने पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

Jun 21, 2026 - 14:34
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर केजरीवाल का हमला, FIR नहीं होने पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि की कथित चोरी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी के बावजूद अब तक FIR दर्ज क्यों नहीं की गई।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और वहां चढ़ाई गई दान राशि में गड़बड़ी के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि इस कथित घोटाले में प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की चर्चा है। केजरीवाल ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की गई तो कई बड़े नाम उजागर हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर की दान राशि में करोड़ों रुपये की कथित चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी मामले में पारदर्शी जांच की मांग की। आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने भी स्वतंत्र जांच की आवश्यकता जताई और मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग उठाई।

सूत्रों के अनुसार, कथित गड़बड़ी से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ की गई है और जांच एजेंसियों ने कुछ राशि भी बरामद की है। बताया जा रहा है कि दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों के नाम जांच के दायरे में हैं। हालांकि जांच एजेंसियों या मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

वर्तमान में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है और उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी समीक्षा कर रही हैं।

राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं। विपक्ष जहां मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में दान राशि और चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद को गंभीरता से देखा जा रहा है। अब सभी की नजर SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।