भोरमदेव कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, लालपुर–सरोधा टू-लेन सड़क की मांग फिर तेज
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के बीच लालपुर–सरोधा मार्ग के चौड़ीकरण की मांग फिर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टू-लेन सड़क बनने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिलेगा, साथ ही पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने के साथ ही जिला मुख्यालय कवर्धा से लालपुर, सरोधा, रामचूवा होते हुए ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर तक जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्रवासी पिछले करीब दस वर्षों से इस सड़क को टू-लेन बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के साथ इस मार्ग का चौड़ीकरण भी बेहद आवश्यक हो गया है।
लालपुर–सरोधा मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसी सड़क पर दौड़ लगाने पहुंचते हैं। सुबह और शाम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक भी टहलने तथा व्यायाम के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा सरोधा और रामचूवा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर तक पहुंचने का यह मुख्य संपर्क मार्ग है।
सावन माह में इस सड़क का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। हजारों की संख्या में शिवभक्त और कांवड़िए भोरमदेव एवं रामचूवा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण इस संकरे मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क संकरी होने और कई स्थानों पर जर्जर स्थिति के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते सड़क का चौड़ीकरण कर इसे टू-लेन बनाया जाए तो श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलेगी। भोरमदेव मंदिर, सरोधा और रामचूवा जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना काल के दौरान इस मार्ग का निरीक्षण कर सड़क चौड़ीकरण की संभावना पर चर्चा हुई थी। उस समय उम्मीद जगी थी कि परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा, लेकिन इसके बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। अब जब भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को गति मिल रही है, तब लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं कि लालपुर से सरोधा तक टू-लेन सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग भी जल्द पूरी होगी।
क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि भोरमदेव कॉरिडोर की सफलता के लिए बेहतर सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण आधार होगा। यदि इस मार्ग का समय रहते चौड़ीकरण किया जाता है तो इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। साथ ही यह परियोजना पूरे क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबे समय से लंबित इस मांग को जल्द पूरा करने की अपील की है।