65 लाख की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र भवन में पहली बरसात में पानी का रिसाव, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
जुन्नारदेव के गुढ़ी अम्बाड़ा क्षेत्र में 65 लाख रुपये की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र भवन में पहली बरसात के दौरान कमरों में पानी का रिसाव होने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पत्रकार सरवन लाल ने मामले की शिकायत भोपाल में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रभारी मंत्री राकेश सिंह से करने की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l जुन्नारदेव गुढ़ी अम्बाड़ा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाला चौरई के बस स्टॉप गुढ़ी में करीब 65 लाख रुपये की लागत से बनाए गए उप स्वास्थ्य केंद्र भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार पहली बरसात के दौरान ही भवन के कुछ कमरों में पानी का रिसाव दिखाई दिया। भवन में रिसाव की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और मामले की जांच की मांग उठाई जा रही है।
बताया गया है कि शुरुआती बारिश के दौरान भवन के कई कमरों में पानी पहुंचने लगा था। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, बारिश अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद भवन में पानी का रिसाव दिखाई देना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि नया भवन बनने के बाद ही इस तरह की समस्या सामने आने से निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच आवश्यक हो जाती है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि भवन निर्माण में संबंधित विभाग और ठेकेदार की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, विभाग या संबंधित ठेकेदार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। इसलिए निर्माण में भ्रष्टाचार या किसी प्रकार की अनियमितता के आरोपों को शिकायतकर्ता के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति का निर्धारण तकनीकी जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही किया जा सकता है।
स्थानीय शिकायत में निर्माण कार्यों में कमीशन और भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्यों में यदि किसी प्रकार का अनधिकृत भुगतान या कमीशन लिया जाता है, तो उसका असर निर्माण की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। इसी आधार पर 65 लाख रुपये की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र भवन की भी जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि पहली बरसात में भवन के कमरों में पानी का रिसाव दिखाई देने के बावजूद अब तक निर्माण गुणवत्ता की विस्तृत जांच नहीं की गई। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस समस्या को सामने लाए जाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जांच या कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है।
अब इस मामले को भोपाल स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है। पत्रकार सरवन लाल ने बताया कि वह 21 सितंबर को भोपाल जाकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रभारी मंत्री राकेश सिंह से अलग-अलग मुलाकात कर मामले की शिकायत करेंगे। उनके अनुसार, शिकायत के माध्यम से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण की गुणवत्ता की उचित जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया जाएगा।
उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा की इमारत में निर्माण संबंधी खामियों की शिकायत सामने आने के बाद तकनीकी परीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भवन की छत, जल निकासी, निर्माण सामग्री और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी के रिसाव का कारण क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है तथा आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।