नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी ममता खेमे को झटका, रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस लिया
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। यह घटनाक्रम नंदीग्राम से इसी गुट की उम्मीदवार सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद सामने आया। रबीउल ने नए चुनाव चिन्ह को कम समय में मतदाताओं तक पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ताओं की स्थिति को अपने फैसले की वजह बताया। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस ले लिया है। यह घटनाक्रम नंदीग्राम विधानसभा सीट से इसी गुट की उम्मीदवार सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद सामने आया। रबीउल के नामांकन वापस लेने की खबर 19 सितंबर 2026 को सामने आई। दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
रेजीनगर से उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस लेने के पीछे नए चुनाव चिन्ह से जुड़ी चुनौती को प्रमुख वजह बताया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि उपचुनाव के लिए उपलब्ध कम समय में नए चुनाव चिन्ह को मतदाताओं के बीच पहचान दिलाना मुश्किल होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के बाद चुनावी मैदान से हटने का निर्णय लेने की बात कही।
रबीउल के अनुसार पार्टी के लिए चुनाव प्रचार की तैयारी में भी व्यावहारिक दिक्कतें थीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने यह दावा किया कि कई कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने प्रशासनिक दबाव का आरोप भी लगाया है, हालांकि यह उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। इस फैसले के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को नए नाम और चिन्ह के साथ चुनाव मैदान में उतरना था। नंदीग्राम की उम्मीदवार सांचीता प्रधान डे ने भी 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया था।
नंदीग्राम में नामांकन वापसी के बाद रेजीनगर से भी उम्मीदवार के हटने से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के सामने दोनों उपचुनाव सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर स्थिति बदल गई है। रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया था, जबकि नंदीग्राम से सांचीता प्रधान डे को मैदान में उतारा गया था। दोनों उम्मीदवारों की नाम वापसी लगातार दो दिनों में हुई है।
नंदीग्राम में सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। इस घटनाक्रम के बाद नंदीग्राम का चुनावी समीकरण भी बदल गया है। रेजीनगर में रबीउल के नामांकन वापस लेने के बाद वहां मुकाबले में मौजूद अन्य उम्मीदवारों के बीच चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों के उपचुनाव 6 अक्टूबर को निर्धारित हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया 19 सितंबर को पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। ऐसे में दोनों सीटों पर आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी की नाम वापसी को लेकर सामने आई वजहों में नया चुनाव चिन्ह, सीमित प्रचार समय और कार्यकर्ताओं की उपलब्धता प्रमुख हैं। वहीं नंदीग्राम में सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद वहां भी ममता खेमे की चुनावी रणनीति में बदलाव हुआ है। दोनों घटनाक्रम पश्चिम बंगाल के आगामी उपचुनावों से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं के रूप में सामने आए हैं।