बंगाल SIR: 38.20 लाख अपीलों में अब तक 1.02 लाख मामलों का निपटारा, 37.18 लाख लंबित
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों में निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 38,20,683 अपीलें दाखिल की गई हैं, जिनमें से 1,02,231 का निपटारा हुआ है और 37,18,452 मामले लंबित हैं। आयोग ने बताया कि इन मामलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल काम कर रहे हैं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 17 दिसंबर 2025 से 7 अगस्त 2026 के बीच फॉर्म-6 के तहत 34.13 लाख आवेदन भी दाखिल किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मामलों को लेकर निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। आयोग ने अदालत को बताया कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने या जोड़े जाने से संबंधित आदेशों के खिलाफ कुल 38,20,683 अपीलें दाखिल की गई हैं। इनमें से अब तक 1,02,231 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 37,18,452 अपीलें अभी लंबित हैं। ये आंकड़े 18 सितंबर 2026 को अदालत के समक्ष रखे गए।
आंकड़ों के अनुसार, कुल अपीलों में करीब 2.7 प्रतिशत मामलों का निपटारा हुआ है, जबकि 97 प्रतिशत से अधिक मामले अभी लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को निर्वाचन आयोग से SIR से संबंधित अपीलों की स्थिति, उनके निपटारे और लंबित मामलों का विवरण देने को कहा था। अदालत ने यह भी पूछा था कि मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए कितने अतिरिक्त अपीलीय ट्रिब्यूनल की जरूरत हो सकती है।
निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत में पेश जानकारी के मुताबिक, SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। इन ट्रिब्यूनल में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपीलों की सुनवाई की व्यवस्था की गई है। हालांकि, आयोग के दाखिल आंकड़ों में यह अलग-अलग जानकारी नहीं दी गई कि 38.20 लाख अपीलों में कितनी याचिकाएं मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ हैं और कितनी अपीलें नए नामों को शामिल किए जाने को चुनौती देती हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहले भी अपीलों के स्वरूप को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। 25 अगस्त की कार्यवाही में याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि लगभग 38.1 लाख अपीलें दाखिल हुई हैं और इनमें करीब सात लाख अपीलें उन मतदाताओं की ओर से हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। अदालत ने निर्वाचन आयोग से अपीलों का स्पष्ट वर्गीकरण और लंबित मामलों की स्थिति बताने को कहा था।
आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद 17 दिसंबर 2025 से 7 अगस्त 2026 के बीच फॉर्म-6 के तहत 34.13 लाख आवेदन दाखिल किए गए। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। यह आंकड़ा SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने से जुड़े आवेदनों की संख्या को दर्शाता है।
लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए इनके निपटारे की गति सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यदि केवल गणितीय रूप से मौजूदा निपटारे की औसत गति को आगे बढ़ाया जाए तो लंबित मामलों के निपटारे में लंबा समय लग सकता है, लेकिन वास्तविक अवधि ट्रिब्यूनलों की कार्यक्षमता, मामलों की संख्या, सुनवाई की गति और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव पर निर्भर करेगी। इसलिए इसे निश्चित समयसीमा के रूप में नहीं देखा जा सकता।
फिलहाल निर्वाचन आयोग द्वारा दाखिल आंकड़ों से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल SIR से जुड़े अपीलीय मामलों का बड़ा हिस्सा अभी लंबित है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इन मामलों के निपटारे की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और अदालत में आयोग से लंबित मामलों की स्थिति तथा उनके समयबद्ध निपटारे से संबंधित जानकारी मांगी गई है।