सेवा संकल्प अभियान में रायपुर ग्रामीण पुलिस की पहल, ग्रामीणों ने स्वेच्छा से सौंपे 106 हथियार और आपत्तिजनक सामान

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सेवा संकल्प अभियान के तहत अपराध रोकथाम और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस की अपील और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 106 हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस को सौंपे। इनमें पहले जमा किए गए 15 सामान के अलावा 72 कड़े और 19 चाकू शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य विवादों के दौरान हथियारों के इस्तेमाल की संभावित घटनाओं को पहले ही रोकना है।

Sep 19, 2026 - 11:53
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सेवा संकल्प अभियान में रायपुर ग्रामीण पुलिस की पहल, ग्रामीणों ने स्वेच्छा से सौंपे 106 हथियार और आपत्तिजनक सामान

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सेवा संकल्प अभियान के तहत अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता और पुलिस-जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल शुरू की है। अभियान के तहत थाना विधानसभा, तिल्दा-नेवरा और खरोरा पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर अनावश्यक रूप से हथियार या अन्य आपत्तिजनक सामान रखने से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में समझाइश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ ऐसी परिस्थितियों को पहले ही रोकना है, जिनसे विवाद गंभीर रूप ले सकते हैं।

अभियान जिला रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन और विधानसभा एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम गांव-गांव जाकर सरपंचों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, पत्रकारों और ग्रामीणों से संपर्क कर रही है। इस दौरान लोगों को समझाया जा रहा है कि घर या आसपास अनावश्यक रूप से रखे गए हथियार और आपत्तिजनक सामान मामूली विवाद, कहासुनी या अचानक पैदा हुए आक्रोश की स्थिति में गंभीर घटना का कारण बन सकते हैं।

पुलिस की इस जनजागरूकता पहल के बीच ग्रामीणों की ओर से स्वैच्छिक सहयोग भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में पहले ग्रामीणों द्वारा 15 हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान स्वेच्छा से पुलिस को सौंपे गए थे। अभियान आगे बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने अतिरिक्त रूप से 72 कड़े और 19 चाकू भी पुलिस के समक्ष जमा कराए। इस तरह पुलिस के अनुसार अब तक कुल 106 हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान स्वेच्छा से पुलिस को सौंपे जा चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि अभियान में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके माध्यम से ग्रामीणों तक पुलिस की अपील पहुंचाई जा रही है और लोगों को सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस का फोकस केवल कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए संभावित अपराध की परिस्थितियों को घटना से पहले पहचानने और रोकने पर है।

अभियान के तहत बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने पालकों से बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान रखने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की है। ग्रामीणों को यह भी बताया जा रहा है कि किसी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस की मदद ली जाए।

थाना विधानसभा, तिल्दा-नेवरा और खरोरा पुलिस द्वारा जनसंपर्क और जागरूकता की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, अपराध नियंत्रण में केवल पुलिस की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पुलिस और ग्रामीणों के बीच संवाद बढ़ाकर सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।