ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। ट्रंप ने इन संस्थानों पर उनके प्रशासन के बारे में ‘फेक न्यूज’ और प्रतिकूल कवरेज करने का आरोप लगाया। मीडिया संगठनों और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े समूहों ने इस कदम पर आपत्ति जताई है, जबकि इसके कानूनी प्रभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Sep 19, 2026 - 10:40
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ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की

UNITED NEWS OF ASIA. वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इन मीडिया संस्थानों की कवरेज को लेकर नाराजगी जताई और उन पर ‘फेक न्यूज’ रिपोर्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अन्य मीडिया संस्थानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति, उनके प्रशासन या संयुक्त राज्य अमेरिका से संबंधित खबरों को लेकर मीडिया संस्थानों को लगातार गलत या काल्पनिक जानकारी प्रसारित नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रपति ने अपने फैसले को संबंधित मीडिया संस्थानों की कवरेज से जोड़ते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार प्रतिबंध किस तरह लागू होगा, इसका विस्तृत प्रशासनिक आदेश या प्रक्रिया तत्काल स्पष्ट नहीं थी।

इस फैसले के बाद प्रेस स्वतंत्रता और अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन को लेकर बहस तेज हो गई है। White House Correspondents’ Association (WHCA) ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता सरकारी हस्तक्षेप से संवैधानिक रूप से संरक्षित है। संगठन ने CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों के समर्थन में बयान जारी किया और कहा कि पत्रकारों की पहुंच को उनके समाचार कवरेज के आधार पर सीमित करने का सवाल संविधान से जुड़ा है।

समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, कानूनी विशेषज्ञों ने भी इस कदम के संवैधानिक पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। प्रथम संशोधन सरकार द्वारा अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। हालांकि, व्हाइट हाउस के मीडिया एक्सेस और प्रेस पूल की व्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति के अधिकारों तथा संवैधानिक सीमाओं पर अदालतों में कानूनी विवाद की संभावना बनी हुई है।

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन और किसी प्रमुख मीडिया संस्थान के बीच व्हाइट हाउस पहुंच को लेकर विवाद हुआ है। फरवरी 2025 में Associated Press के पत्रकारों की पहुंच को लेकर भी व्हाइट हाउस और प्रेस संगठनों के बीच टकराव हुआ था। उस समय White House Correspondents’ Association ने AP पत्रकारों को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों से बाहर रखने की आलोचना की थी और इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया था।

नए फैसले पर मीडिया संगठनों और प्रेस स्वतंत्रता समूहों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। Committee to Protect Journalists ने भी प्रतिबंध की आलोचना करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय बताया। वहीं ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों पर प्रतिबंध पूरी तरह किस रूप में लागू किया जाएगा और क्या इससे व्हाइट हाउस की नियमित प्रेस कवरेज व्यवस्था में बदलाव होगा। मामले में कानूनी चुनौती की संभावना भी जताई जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन के अगले कदम और अदालतों की प्रतिक्रिया से इस विवाद की दिशा स्पष्ट हो सकती है।