दीया उत्सव, UPI शुल्क और PSC परीक्षा को लेकर दीपक बैज ने सरकार पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन के खर्च, UPI पर प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क और CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दीया आयोजन के खर्च का विवरण सार्वजनिक करने, UPI शुल्क के फैसले पर पुनर्विचार और PSC अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इनमें से कई दावे कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं, जबकि संबंधित मामलों में सरकारी पक्ष और आयोग की अलग-अलग स्थिति भी सामने आई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, UPI लेनदेन पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा-2025 को लेकर सरकार तथा संबंधित संस्थाओं से कई सवाल पूछे। बैज ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में सरकारी मशीनरी और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने आयोजन में हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत 1.50 करोड़ से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। रायपुर में 25 लाख से अधिक दीप जलाए गए और आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दीपक बैज ने इसी आयोजन को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि दीयों, तेल, बाती, परिवहन, सजावट, मंच, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं पर कितना खर्च हुआ तथा इसका भुगतान किस मद से किया गया। उन्होंने दावा किया कि आयोजन में सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी और अन्य कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
बैज ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि 1.50 करोड़ से अधिक दीयों की खरीद किस माध्यम से हुई और आयोजन का कुल बजट कितना था। उन्होंने अनुमान के आधार पर सार्वजनिक धन के इस्तेमाल का सवाल उठाया और पूरे खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। वहीं उपलब्ध रिपोर्टों में आयोजन को सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से जुड़ा कार्यक्रम बताया गया है।
UPI शुल्क को लेकर बैज ने केंद्र सरकार के फैसले का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के बाद अब शुल्क लागू करने से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी UPI भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होना है, जबकि उपभोक्ताओं से सीधे शुल्क लेने की व्यवस्था नहीं बताई गई है और छोटे तथा कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग प्रावधान हैं। कांग्रेस इस व्यवस्था का विरोध कर रही है और इसे वापस लेने की मांग कर रही है।
बैज ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 265 पदों के लिए 795 अभ्यर्थियों के बजाय 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया और मांग की कि मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाएं। यह मुद्दा हाल में सार्वजनिक बहस का विषय बना है।
हालांकि CGPSC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रत्येक प्रश्नपत्र में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त करना अनिवार्य था और इसी कारण 795 की संभावित संख्या के मुकाबले 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए पात्र पाए गए। आयोग के अनुसार 187 अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सके। आयोग ने यह भी कहा है कि उसकी प्रक्रिया में पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है।
CGPSC ने बाद में राज्य सेवा परीक्षा-2025 के इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। नई तारीख की घोषणा अभी प्रतीक्षित है। बैज ने मांग की कि अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराकर मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का समाधान किया जाए। कांग्रेस के इन आरोपों और मांगों के बीच आयोग की ओर से न्यूनतम अर्हकारी अंकों और निर्धारित प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण सामने आ चुका है।