BRICS Summit: ब्रिक्स समिट में शी जिनपिंग के आने पर सस्पेंस, पुतिन और लूला दा सिल्वा की मौजूदगी तय
भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS Summit को लेकर तैयारियां तेज हैं। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट आयोजित होगा। इससे पहले 11 सितंबर से BRICS Business Forum और Women Business Alliance की बैठकें शुरू होंगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के भारत आने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह सात साल बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS Summit को लेकर नई दिल्ली में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। ब्रिक्स समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 11 सितंबर से BRICS Business Forum और Women Business Alliance की बैठकें शुरू होंगी। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि हिस्सा लेने वाले हैं। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर हो रही है।
चीन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि शी जिनपिंग नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit में शामिल होंगे या नहीं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि चीन BRICS सहयोग को काफी महत्व देता है और भारत की ओर से सम्मेलन के सफल आयोजन का समर्थन करता है। हालांकि जब उनसे चीनी प्रतिनिधिमंडल या शी जिनपिंग की मौजूदगी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसी वजह से जिनपिंग के भारत आने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
भारत ने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग को 2026 BRICS Summit में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया था और भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन किया था। इसके बाद अगस्त 2026 में Reuters ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना है। हालांकि 8 सितंबर तक चीन की ओर से उनकी यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अगर शी जिनपिंग नई दिल्ली आते हैं तो यह करीब सात साल बाद उनकी भारत यात्रा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की सबसे हालिया आमने-सामने मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO Summit के दौरान हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा भी करीब सात साल के अंतराल के बाद हुई थी। दोनों नेताओं की इससे पहले अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित BRICS Summit के दौरान मुलाकात हुई थी।
BRICS Summit में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा भी भारत पहुंचेंगे। ऐसे में अगर शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात और भारत-चीन संबंधों को लेकर चर्चा पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में शी जिनपिंग की मौजूदगी या अनुपस्थिति सम्मेलन की चर्चाओं में एक अहम विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर चीन की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।