महतारी वंदन योजना में बड़ी गड़बड़ी, 1726 अपात्र हितग्राहियों को 1.93 करोड़ रुपये भुगतान का मामला

बीजापुर जिले में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के KYC और रिकॉर्ड ऑडिट के दौरान 1726 अपात्र हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार इन हितग्राहियों के खातों में करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये की राशि पहुंची है। जांच में 21 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं, आयकर दायरे में आने वाली महिलाओं, शासकीय सेवा से जुड़ी महिलाओं और मृत हितग्राहियों के नाम पर भुगतान के मामले सामने आए हैं। विभाग ने संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अपात्र हितग्राहियों और भुगतान की राशि को लेकर विभागीय आंकड़ों में अंतर होने से अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

Sep 9, 2026 - 21:03
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महतारी वंदन योजना में बड़ी गड़बड़ी, 1726 अपात्र हितग्राहियों को 1.93 करोड़ रुपये भुगतान का मामला

UNITED NEWS OF ASIA. बीजापुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मामला सामने आया है। योजना के लाभार्थियों की KYC प्रक्रिया और रिकॉर्ड के ऑडिट के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं, जो योजना की पात्रता के दायरे में नहीं आते थे। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार कुल 1726 अपात्र हितग्राहियों के खातों में योजना की राशि का भुगतान हुआ है। इन मामलों में करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये की राशि वितरित होने की जानकारी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने अब भुगतान की गई राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बीजापुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत कुल 42 हजार 884 महिलाएं पंजीकृत हैं। लाभार्थियों के दस्तावेज, KYC और अन्य रिकॉर्ड की जांच के दौरान अलग-अलग श्रेणियों में अपात्र हितग्राहियों की पहचान की गई। रिकॉर्ड में सामने आए मामलों से यह सवाल भी उठ रहा है कि पात्रता की जांच के बावजूद इन हितग्राहियों को योजना की राशि किस तरह मिलती रही। विभाग अब संबंधित मामलों की जांच कर भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

ऑडिट में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र की 501 महिलाओं को योजना के तहत कुल 91 लाख 73 हजार 500 रुपये का भुगतान किया गया। योजना की निर्धारित पात्रता के लिहाज से यह मामले जांच के दायरे में आए हैं। इसी तरह आयकर के दायरे में आने वाली 141 महिलाओं के खातों में करीब 45 लाख रुपये की राशि पहुंचने की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इन मामलों की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।

इसके अलावा शासकीय सेवा से जुड़ी महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना की राशि दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में 33 लाख रुपये से अधिक का भुगतान होने की बात रिकॉर्ड में दर्ज है। विभाग अब इन मामलों में दस्तावेजों और लाभार्थियों की स्थिति की जांच कर यह निर्धारित करने में जुटा है कि किन मामलों में योजना की राशि वापस ली जानी है।

ऑडिट के दौरान 675 मृत हितग्राहियों के नाम पर भी राशि जारी होने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों में कुल 7 लाख 33 हजार रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 96 ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें एक ही बैंक खाते में दो अलग-अलग हितग्राहियों की राशि पहुंचने की बात कही गई है। इन मामलों को भी विभागीय जांच में शामिल किया गया है।

मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी कर अपात्र हितग्राहियों को किए गए भुगतान की रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इसके साथ ही रिकॉर्ड की दोबारा जांच और संबंधित लाभार्थियों की पात्रता की पुष्टि की जा रही है। विभागीय स्तर पर भुगतान की गई राशि वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

हालांकि, पूरे मामले में सामने आए आंकड़ों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विभागीय स्तर पर करीब 700 मामलों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है, जबकि उपलब्ध रिकॉर्ड में 1726 अपात्र हितग्राहियों का आंकड़ा बताया गया है। ऐसे में वास्तविक रूप से कितने हितग्राही अपात्र पाए गए और कुल कितनी राशि का भुगतान हुआ, इसका अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल बीजापुर में महतारी वंदन योजना से जुड़े इन मामलों की विभागीय जांच और रिकवरी की कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग का फोकस अपात्र भुगतान की पहचान करने, सरकारी राशि की रिकवरी करने और योजना के लाभार्थी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने पर है।