काला सागर में रूस का हमला, चार कार्गो जहाजों को निशाना बनाने का दावा; तंजानिया के जहाज के कैप्टन की मौत
रूस के रक्षा मंत्रालय ने काला सागर में चार कार्गो जहाजों को ड्रोन हमलों में निशाना बनाने का दावा किया है। रूस के अनुसार इन जहाजों का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य सामान पहुंचाने में किया जा रहा था। इसी दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने तंजानिया के झंडे वाले एक नागरिक जहाज पर रूसी ड्रोन हमले की जानकारी दी, जिसमें कैप्टन की मौत और तीन चालक दल के सदस्यों के घायल होने की बात कही गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर काला सागर में समुद्री परिवहन पर भी दिखाई दे रहा है। 17 सितंबर 2026 को रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रूसी ड्रोन ने यूक्रेन से जुड़े चार कार्गो जहाजों को निशाना बनाया। रूसी पक्ष के अनुसार इन जहाजों का इस्तेमाल यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए सैन्य सामान और अन्य आपूर्ति पहुंचाने में किया जा रहा था। रूस ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य यूक्रेनी सेना की लॉजिस्टिक क्षमता को सीमित करना था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमलों में तीन सूखे मालवाहक जहाज और एक फेरी को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने इन कार्रवाइयों का वीडियो भी जारी किया और दावा किया कि संबंधित पोत यूक्रेनी सैन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। बाद में रूसी पक्ष ने काला सागर और यूक्रेनी बंदरगाहों के आसपास दो अन्य जहाजों को निशाना बनाए जाने की भी जानकारी दी। रूस लगातार इन हमलों को यूक्रेनी सैन्य आपूर्ति और परिवहन क्षमता को प्रभावित करने की कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है।
इसी घटनाक्रम के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने एक अलग घटना की जानकारी दी। यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, 17 सितंबर को तंजानिया के झंडे वाला एक नागरिक जहाज यूक्रेनी बंदरगाह की ओर जा रहा था, तभी वह रूसी ड्रोन हमले की चपेट में आ गया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में जहाज के कैप्टन की मौत हो गई और चालक दल के तीन सदस्य घायल हुए। जहाज को हुए नुकसान का आकलन किए जाने की बात भी कही गई।
ओडेसा क्षेत्र के अधिकारियों ने इस घटना को नागरिक समुद्री परिवहन से जुड़ा मामला बताया है। यूक्रेनी पक्ष ने आरोप लगाया कि रूस के हमले बंदरगाहों और नागरिक व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन के अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को लेकर प्रतिक्रिया देने की अपील भी की है। इन आरोपों पर रूस और यूक्रेन के दावों में अंतर बना हुआ है।
काला सागर पहले से ही रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक क्षेत्र बना हुआ है। इस समुद्री क्षेत्र से अनाज, कच्चे तेल और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं का परिवहन होता है। हाल के महीनों में व्यापारिक जहाजों से जुड़े हमलों में बढ़ोतरी के कारण समुद्री बीमा और जहाजों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन के समुद्री बीमा बाजार ने पूरे काला सागर क्षेत्र को उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के दायरे में शामिल कर दिया है।
रूस और यूक्रेन के बीच समुद्री मार्गों को लेकर तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की सैन्य और आर्थिक क्षमता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य आपूर्ति से जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ हैं, जबकि यूक्रेन नागरिक जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है। स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी सीमित होने के कारण अलग-अलग पक्षों के दावों को सावधानी से देखना जरूरी है। काला सागर में बढ़ता तनाव क्षेत्रीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन के लिए भी चुनौती बना हुआ है।