NEET-UG 2026 विवाद पर नसीरुद्दीन शाह का केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर हमला, छात्र आंदोलन का किया समर्थन
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने सरकार के रवैये, छात्रों के आंदोलन, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। द प्रिंट के लिए पत्रकार करण थापर को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार के रवैये से उन्हें कोई हैरानी नहीं है। उनका कहना था कि सरकार छात्रों की चिंताओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
इंटरव्यू के दौरान जब करण थापर ने नसीरुद्दीन शाह से पूछा कि क्या वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "धोखेबाज" मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से लेना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि "जो खुद अनपढ़ हैं, वो पढ़ाई की अहमियत क्या जाने।" उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने शायद खुद कभी कोई परीक्षा नहीं दी, वह छात्रों को परीक्षा देने की सीख देता है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री की शैक्षणिक डिग्री और निजी जीवन से जुड़े कई सवाल भी उठाए और आरोप लगाया कि उन्होंने इन मुद्दों पर कभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
नसीरुद्दीन शाह ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों को पेट्रोल बचाने, पैसे बचाने और विदेश यात्राओं से बचने की सलाह देती है, जबकि खुद बड़े काफिलों के साथ यात्रा करती है और लगातार विदेश दौरों पर जाती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ये नियम आम जनता के लिए हैं, सरकार के लिए नहीं।
हाल ही में फिल्म "मैं वापस आऊंगा" में नजर आए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उन्होंने कभी प्रधानमंत्री को पुलवामा में शहीद हुए जवानों या पहलगाम में मारे गए पर्यटकों के लिए भावुक होते नहीं देखा। उनका कहना था कि राजनीतिक मंचों पर दिखाई जाने वाली भावनाएं उन्हें फिल्मों की अभिनय शैली जैसी लगती हैं।
अभिनेता ने देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उनके भविष्य, शिक्षा के अधिकार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि छात्रों का गुस्सा जायज है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी नसीरुद्दीन शाह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं है। उनके अनुसार सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए और उनका समाधान निकालना चाहिए।
नसीरुद्दीन शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी उचित बताया। उनका कहना था कि छात्रों की मांगों और उनके आक्रोश को नजरअंदाज करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे "बहरी, गूंगी और अंधी" तक करार दिया। इस इंटरव्यू के बाद उनकी टिप्पणियां राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई हैं। हालांकि, इन बयानों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।