जर्जर भवन नहीं हटाया तो मकान मालिक स्वयं होंगे जिम्मेदार, नगर पालिका ने दी सख्त चेतावनी
कवर्धा शहर में जर्जर और पुराने भवनों को लेकर नगर पालिका ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर पालिका टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में भवनों का निरीक्षण कर खतरनाक इमारतों को चिन्हित किया है। भवन मालिकों को तत्काल जर्जर भवन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका ने चेतावनी दी है कि भविष्य में दुर्घटना, जनहानि या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में संबंधित मकान मालिक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l शहर में जर्जर और पुराने भवनों से नागरिकों की सुरक्षा को संभावित खतरे को देखते हुए नगर पालिका ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। नगर पालिका की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित जर्जर एवं पुराने भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऐसे कई भवन चिन्हित किए गए, जिनकी कमजोर और पुरानी संरचना नागरिकों के लिए खतरा बन सकती है। नगर पालिका द्वारा शहर के शासकीय और निजी भवनों का सर्वे कर खतरनाक भवनों को चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार वर्षों पुराने कई भवनों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। निरीक्षण के दौरान टीम ने भवनों की दीवार, छत, संरचना और अन्य हिस्सों की स्थिति का मौके पर जायजा लिया। कुछ भवनों की संरचना सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर पाई गई। ऐसे भवनों को तत्काल डिस्मेंटल कर हटाने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने बताया कि नगर पालिका उपअभियंता शिवकुमार गर्ग, राजेश पाथर तथा राजस्व टीम के बद्री राम साहू, लियाकत अली, चंद्रिका सिंह ठाकुर, सुरेश ठाकुर और सुनील कुर्रे ने जर्जर भवनों का निरीक्षण किया। टीम ने भवन मालिकों को मौके पर ही निर्देशित किया कि वे अपने जर्जर और खतरनाक भवनों को तत्काल डिस्मेंटल कर हटाने की कार्रवाई करें।
नगर पालिका ने भवन मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जर्जर भवन को समय रहते नहीं हटाया गया और भविष्य में उसके कारण किसी प्रकार की दुर्घटना, जनहानि अथवा संपत्ति को नुकसान होता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित मकान मालिक की होगी। नगर पालिका का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
नगर पालिका द्वारा पुराने, क्षतिग्रस्त और जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, स्कूलों, बाजारों और व्यावसायिक परिसरों में स्थित भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जांचा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे के बाद खतरनाक भवनों को चिन्हित कर संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू के निर्देशन में नगर पालिका की कार्रवाई लगातार जारी है। अधिकारियों ने कहा कि भवन मालिकों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं और निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका ने कवर्धावासियों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई जर्जर या खतरनाक भवन है, तो इसकी सूचना नगर पालिका कार्यालय में दी जाए। नागरिक स्वयं कार्यालय पहुंचकर अथवा उपअभियंता और राजस्व विभाग को इसकी जानकारी दे सकते हैं, ताकि समय रहते संभावित खतरे को दूर किया जा सके।