महासमुंद में बड़ी कार्रवाई: 2.06 करोड़ की संपत्ति के साथ 281 किलो गांजा जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार
महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 281.900 किलो गांजा जब्त किया है। मामले में महाराष्ट्र के 5 तस्करों को गिरफ्तार कर 2.06 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, सरायपाली। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने 281.900 किलोग्राम गांजा जब्त करते हुए महाराष्ट्र के 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए गांजे की कीमत लगभग 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये आंकी गई है, वहीं कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये बताया जा रहा है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा से गांजा लेकर दो चारपहिया वाहन महाराष्ट्र की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक फार्चुनर (MH 12 WC 0090) और एक स्कॉर्पियो (MH 12 YH 0090) को रोका गया।
फार्चुनर वाहन में तीन और स्कॉर्पियो में दो लोग सवार थे। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना नाम प्रशांत शंकर गोले (38 वर्ष), क्षितिज वीरसेन जाधव (21 वर्ष), अक्षय नंदकुमार निगम (27 वर्ष), अभिषेक डेविड जगले (26 वर्ष) और महेश काटकर (39 वर्ष) बताया, जो सभी महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।
वाहनों की तलाशी लेने पर पीछे की सीटों में रखी बोरियों में गांजा भरा हुआ पाया गया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह गांजा उड़ीसा के फुलवानी जिले से लाकर महाराष्ट्र के पुणे में खपाने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए 281.900 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत 1,40,95,000 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त फार्चुनर कार (कीमत 40 लाख रुपये), स्कॉर्पियो कार (कीमत 25 लाख रुपये) और 4 मोबाइल फोन (कीमत 50 हजार रुपये) भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर 2,06,45,000 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(बी) और 29(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन तक सघन जांच और वित्तीय पड़ताल की जा रही है।
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल तस्करी के नेटवर्क पर असर पड़ेगा, बल्कि अन्य तस्करों के लिए भी यह कड़ा संदेश है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।