बेमेतरा में ओपन स्कूल परीक्षा में फर्जीवाड़ा उजागर, दूसरे से परीक्षा दिलाने वाला छात्र गिरफ्तार

बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी में छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की 10वीं परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक छात्र अपनी जगह दूसरे से परीक्षा दिला रहा था। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Apr 4, 2026 - 16:56
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बेमेतरा में ओपन स्कूल परीक्षा में फर्जीवाड़ा उजागर, दूसरे से परीक्षा दिलाने वाला छात्र गिरफ्तार

बेमेतरा UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की कक्षा 10वीं की परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यह घटना जिले के ग्राम टेमरी स्थित परीक्षा केंद्र की है, जहां एक छात्र अपनी जगह किसी दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवा रहा था।

जानकारी के अनुसार, सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र में संदिग्ध गतिविधि देखी गई। केंद्र प्रभारी को एक परीक्षार्थी के व्यवहार पर शक हुआ, जिसके बाद उसकी जांच की गई। जांच में यह सामने आया कि जो व्यक्ति परीक्षा दे रहा था, वह वास्तविक छात्र नहीं था, बल्कि किसी अन्य की जगह परीक्षा लिख रहा था।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा केंद्र प्रभारी ने तुरंत इसकी सूचना नांदघाट थाने को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में आशीष कुमार कुर्रे नामक युवक शामिल था, जिसने अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाया था। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

नांदघाट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष कुमार कुर्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में एक नाबालिग के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रणाली में इस तरह की अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने सभी परीक्षा केंद्रों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। लोगों का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल शिक्षा व्यवस्था की साख पर असर पड़ता है, बल्कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ भी अन्याय होता है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल नांदघाट थाना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।