मनरेगा कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं — सीईओ अजय त्रिपाठी

कवर्धा जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी ने सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा अंतर्गत मजदूरीमुखी कार्य प्रारंभ करने और सामग्रीमुखी कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

Oct 14, 2025 - 19:19
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मनरेगा कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं — सीईओ अजय त्रिपाठी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत मजदूरीमुखी कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके।

सीईओ त्रिपाठी ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित मनरेगा समीक्षा बैठक में कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक मजदूरीमुखी कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, वहां 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने तकनीकी सहायकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह पाया गया कि कई पंचायतों में लक्ष्य के विरुद्ध मानव दिवस सृजन कम है। इस पर सीईओ ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामग्रीमुखी कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि जल संरक्षण, सोख्ता गड्ढा, डबरी, कूप निर्माण, पशु आश्रय शेड और अमृत सरोवर जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लंबित मस्टर रोल जारी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि यह अंतिम अवसर है, इसके बाद लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि आवास निर्माण की गति तेज की जाए। कार्यक्रम अधिकारियों और विकासखंड समन्वयकों को प्रत्येक कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में वर्ष 2025-26 के लेबर बजट की ग्राम पंचायतवार समीक्षा और 2026-27 की तैयारी पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाभियान, वृक्षारोपण, सामाजिक अंकेक्षण एवं मॉडल ग्राम पंचायतों के विकास पर भी चर्चा की गई।

सीईओ त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है, इसलिए समय पर मजदूरी भुगतान और कार्य उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्राम पंचायतों से कहा कि वे सामुदायिक आजीविका केंद्रों को सशक्त बनाएं और मछली पालन, बकरी पालन, कुकुट पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करें।