घटना 12 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10 बजे की है, जब ग्राम खाड़ा के स्कूल पारा में आपसी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। मृतक की पहचान शम्भू निषाद उर्फ देवचरण (उम्र लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कई वर्षों से गुजरात में रह रहा था और हाल ही में अपने गांव लौटा था।
जानकारी के अनुसार, गांव आने के दौरान शम्भू निषाद का गांव के ही दो व्यक्तियों—संतोष कुमार यादव और रोहित कुमार यादव—से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने मिलकर शम्भू निषाद के साथ हाथ-मुक्कों और लात से मारपीट शुरू कर दी।
इस हमले में शम्भू निषाद को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल दुर्ग लेकर पहुंचे, जहां 13 अप्रैल को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
मामले की सूचना मिलने पर अण्डा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 103 और 3(5) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिससे पुलिस के सामने उन्हें जल्द पकड़ने की चुनौती थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम गठित की और आरोपियों की तलाश शुरू की। घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी संतोष कुमार यादव को कुथरेल क्षेत्र से तथा दूसरे आरोपी रोहित कुमार यादव को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई को महज तीन घंटे के भीतर अंजाम दिया गया, जो पुलिस की सक्रियता और तत्परता को दर्शाता है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना का मुख्य कारण आपसी विवाद था, जो अचानक हिंसक रूप ले बैठा।
इस पूरे मामले में थाना अण्डा पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है। थाना प्रभारी सहित पूरी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गंभीर अपराध का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया।
दुर्ग पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। विवादों का समाधान शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए। साथ ही किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि छोटे-छोटे विवाद भी यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे बड़े अपराध का रूप ले सकते हैं।