सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसा: बॉयलर फटने से 3 मजदूरों की मौत, 24 से अधिक घायल

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है।

Apr 14, 2026 - 17:47
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सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसा: बॉयलर फटने से 3 मजदूरों की मौत, 24 से अधिक घायल

UNITED NEWS OF ASIA. सक्ती l छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक औद्योगिक दुर्घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित Vedanta Power Plant में बॉयलर फटने से भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बॉयलर में अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि पूरे प्लांट में दहशत फैल गई और मजदूर इधर-उधर भागने लगे।


घटना के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। अस्पतालों में घायलों के परिजन बड़ी संख्या में पहुंचे हुए हैं, जहां माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण बना हुआ है।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। घटनास्थल पर बचाव दल द्वारा मलबा हटाने और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बॉयलर में तकनीकी खराबी या लापरवाही इस हादसे का कारण हो सकती है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।


इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्लांट्स में सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। यदि समय-समय पर मशीनों की जांच और रखरखाव ठीक से नहीं किया जाता, तो इस तरह की घटनाएं होने की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक बयान आना बाकी है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और स्थिति को नियंत्रण में रखना है। वहीं, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करने की बात भी कही जा रही है।

यह हादसा न केवल एक औद्योगिक दुर्घटना है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है।