वेदांता प्लांट हादसे पर कांग्रेस का हमला: 50 लाख मुआवजा और FIR की मांग, 7 दिन का अल्टीमेटम

सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर कांग्रेस नेता मोहम्मद सिद्दीक़ ने प्रबंधन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा, घायलों को 20 लाख सहायता और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

Apr 14, 2026 - 18:39
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वेदांता प्लांट हादसे पर कांग्रेस का हमला: 50 लाख मुआवजा और FIR की मांग, 7 दिन का अल्टीमेटम

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l  छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में मोहम्मद सिद्दीक़ ने प्रबंधन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “आपराधिक लापरवाही” करार दिया है।

रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में मोहम्मद सिद्दीक़ ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की जान के साथ किया गया गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

सिद्दीक़ ने अपने बयान में कहा कि वेदांता पावर प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही थी। उनका आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन मुनाफे की होड़ में मजदूरों की सुरक्षा से समझौता कर रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और श्रम विभाग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार हो रहे औद्योगिक हादसों के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है? उनके अनुसार, प्लांट में नियमित सुरक्षा ऑडिट नहीं किया जाता और बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के मजदूरों से काम लिया जा रहा है, जो ऐसे हादसों का प्रमुख कारण बनता है।

कांग्रेस नेता ने सरकार और प्लांट प्रबंधन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक श्रमिक के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल दिया जाए। वहीं, गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन द्वारा उठाई जाए।

इसके अलावा, उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी पाए जाने वाले प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सिद्दीक़ ने यह भी मांग की कि पूरे प्लांट का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और बिना पंजीकरण एवं प्रशिक्षण के किसी भी मजदूर से काम लेना पूरी तरह बंद किया जाए।

अपने बयान के अंत में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला अब केवल एक औद्योगिक हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।