यमुना सफाई अभियान में उतरीं रेखा गुप्ता, 28 घाटों पर चला मेगा क्लीनिंग ड्राइव

दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए ‘यमुना सफाई यज्ञ – स्वच्छ यमुना मेरा कर्तव्य’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घाट पर पहुंचकर सफाई की। 28 घाटों पर आयोजित इस मेगा अभियान में मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक और 500 से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया।

Jun 14, 2026 - 12:32
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यमुना सफाई अभियान में उतरीं रेखा गुप्ता, 28 घाटों पर चला मेगा क्लीनिंग ड्राइव

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। ‘यमुना सफाई यज्ञ – स्वच्छ यमुना मेरा कर्तव्य’ नामक इस विशेष अभियान के तहत 14 जून को यमुना के विभिन्न घाटों पर व्यापक सफाई अभियान आयोजित किया गया। अभियान का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया, जिन्होंने स्वयं घाट पर पहुंचकर सफाई कार्य में भाग लिया।

बारिश के मौसम से पहले यमुना नदी और उसके तटों को साफ-सुथरा बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान में दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सरकार के अनुसार 500 से अधिक गैर-सरकारी संस्थाओं और हजारों स्वयंसेवकों ने इस सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गीता कॉलोनी स्थित यमुना घाट पहुंचीं और सफाई अभियान में श्रमदान किया। उन्होंने घाट क्षेत्र में फैले कचरे, जलकुंभी, घास और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में स्वयं सहयोग किया। अभियान के दौरान उन्होंने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने में योगदान देने का संदेश दिया।

रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाला जनआंदोलन होना चाहिए। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे नदी में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और पूजन सामग्री न डालें तथा नदी संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें। उनका कहना था कि यमुना दिल्ली की जीवनरेखा है और इसे स्वच्छ रखना सभी नागरिकों का कर्तव्य है।

अभियान के दौरान दिल्ली सरकार के सभी मंत्री अलग-अलग घाटों पर सफाई कार्य में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवकों के साथ मिलकर श्रमदान किया। यमुना बैंक सहित कई प्रमुख घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया।

अभियान से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्लीवासियों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से अपने नजदीकी यमुना घाट पर पहुंचकर स्वच्छता अभियान में भाग लेने का आग्रह किया था। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थी, सामाजिक संगठन, पर्यावरण कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक इस पहल से जुड़े।

दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर दीर्घकालिक योजना पर भी काम किया जा रहा है। नदी में गिरने वाले प्रदूषित जल को रोकने, घाटों के सौंदर्यीकरण और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नदी संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ऐसे अभियानों से लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। यमुना सफाई महाअभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।