भारी वर्षा के बीच रपटा-नालों का कलेक्टर और एसपी ने किया निरीक्षण, जलमग्न मार्गों से दूर रहने की अपील

धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण नदी-नालों और रपटों का जलस्तर बढ़ने पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने रुद्री बैराज और कुकरैल क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जलमग्न मार्गों पर बैरिकेडिंग, निगरानी और राहत दलों की तैनाती के निर्देश दिए तथा लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने की अपील की।

Jul 29, 2026 - 18:16
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भारी वर्षा के बीच रपटा-नालों का कलेक्टर और एसपी ने किया निरीक्षण, जलमग्न मार्गों से दूर रहने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते नदी-नालों, रपटों और छोटे पुलों पर जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई स्थानों पर पुल-पुलियों और रपटों के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी एवं आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने बुधवार को रुद्री बैराज तथा कुकरैल क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर तथा प्रभावित मार्गों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों से ताजा जानकारी प्राप्त कर राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई।

लगातार बारिश के कारण कुकरैल-नगरी मार्ग के बीच स्थित रपटा तथा कुकरैल-नरहरा मार्ग के रपटा पर पानी आने से इन मार्गों पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से इन मार्गों का उपयोग नहीं करने और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग अपनाने की अपील की है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नगरी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए। जहां भी रपटों, पुलों और पुलियों के ऊपर पानी बह रहा हो, वहां तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

कलेक्टर ने नगर सेना, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित अमले को संवेदनशील एवं चिन्हित स्थलों पर तैनात रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल तुरंत सक्रिय होकर आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में लोगों को उफनते नदी-नालों, जलमग्न रपटों या पुल-पुलियों को पार करने की अनुमति न दी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य समय पर सूचना देकर जनहानि और दुर्घटनाओं की संभावना को पूरी तरह रोकना है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा जलभराव वाले मार्गों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से बच्चों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने का आग्रह किया। साथ ही किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल जिला प्रशासन अथवा जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की।

जिला प्रशासन ने कहा है कि भारी वर्षा की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।