07 अगस्त से निकलेगी ‘निष्ठा कांवड़ यात्रा’, रतलाम से महाकालेश्वर तक चार दिवसीय पदयात्रा का होगा आयोजन
श्रावण मास के पावन अवसर पर रतलाम से महाकालेश्वर उज्जैन तक 07 से 10 अगस्त 2026 के बीच ‘निष्ठा कांवड़ यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। चार दिवसीय इस पदयात्रा का उद्देश्य शिवभक्ति, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश देना है।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं को समर्पित ‘निष्ठा कांवड़ यात्रा’ का आयोजन इस वर्ष 07 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। चार दिवसीय इस धार्मिक पदयात्रा का शुभारंभ 07 अगस्त, शुक्रवार को प्रातः 8 बजे आमलिया भैरूजी मंदिर, काटजू नगर, रतलाम से होगा। यात्रा का समापन उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के जलाभिषेक के साथ किया जाएगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह ‘निष्ठा कांवड़ यात्रा’ का चौथा वर्ष है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाना, सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है।
चार दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते हुए पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का भी संदेश देगी। श्रावण मास में निकलने वाली इस यात्रा को लेकर शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा के प्रथम दिवस रतलाम से प्रस्थान कर सातरूंडा में रात्रि विश्राम किया जाएगा। दूसरे दिन कांवड़ यात्रा खरसोद पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु विश्राम करेंगे। तीसरे दिन यात्रा उज्जैन पहुंचेगी तथा रात्रि विश्राम के बाद चौथे दिन 10 अगस्त की सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का पवित्र जलाभिषेक किया जाएगा।
यात्रा रतलाम शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। इसमें सैलाना बस स्टैंड, पावर हाउस रोड, दो बत्ती, गीता मंदिर, फव्वारा चौक, सालाखेड़ी सहित कई प्रमुख क्षेत्रों से श्रद्धालु आगे बढ़ेंगे। यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा शिवभक्तों के स्वागत, जलपान, विश्राम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस धार्मिक आयोजन के यात्रा संयोजक वैभव जाट (सन्नी पहलवान) हैं। आयोजन को सफल बनाने में जवाहर व्यायामशाला अम्बर परिवार, रतलाम की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। समिति के सदस्य यात्रा की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं और सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल तथा भोजन जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
आयोजन समिति ने रतलाम एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में इस पावन कांवड़ यात्रा में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में भाईचारा, सेवा भावना और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में महाकाल की नगरी उज्जैन तक निकलने वाली यह निष्ठा कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, अनुशासन और सेवा भाव का अनूठा संगम साबित होगी। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ निकलने वाली यह यात्रा रतलाम जिले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में अपना विशेष स्थान बना चुकी है और इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।