महिला सभा से मजबूत होगी ग्राम सभा, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को मिला सामुदायिक संकल्प

केशकाल क्षेत्र के रावबेडामारी और कुमुड गांव में ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। रावबेडामारी में पहली महिला सभा में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने का संकल्प लिया गया, जबकि कुमुड की विशेष ग्राम सभा में सामुदायिक वन संसाधन और वन अधिकारों से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

Sep 12, 2026 - 17:45
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महिला सभा से मजबूत होगी ग्राम सभा, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को मिला सामुदायिक संकल्प

UNITED NEWS OF  ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l पेसा नियम 2022 के बाद ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी और ग्राम सभा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में रावबेडामारी और कुमुड गांव में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। रावबेडामारी में पहली महिला सभा का आयोजन कर महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। वहीं कुमुड में 9 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में सामुदायिक वन संसाधन, वन अधिकार और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया।

रावबेडामारी में आयोजित महिला सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में महिला अधिकार एवं सम्मान, ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी, नशामुक्ति, जल-जंगल-जमीन का संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा एवं बालिका शिक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम और आजीविका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। महिलाओं ने ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाने और सामुदायिक हित के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।

महिला सभा में कमलेश्वरी कावड़े को अध्यक्ष, नमिता गावड़े को सचिव और सनीता परचापी को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने के लिए जागरूकता गतिविधियां चलाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जल संरक्षण, जंगल की सुरक्षा, पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही गई। महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए स्व-सहायता समूहों को अधिक सक्रिय करने तथा रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।

महिला सभा में शिक्षा को भी ग्राम विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। विशेष रूप से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और महिलाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। ग्रामीण महिलाओं की आवाज को ग्राम सभा की निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नियमित संवाद और सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।

इसी क्रम में कुमुड गांव में 9 सितंबर को ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता शांति बाई सलाम ने की। इसमें सामुदायिक वन संसाधन, वन अधिकार मान्यता अधिनियम, ग्राम सभा की कार्यप्रणाली तथा जल-जंगल-जमीन के संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। ग्राम सभा ने CFRMC समिति के सचिव के रूप में संतेर सलाम के चयन और वन अधिकार समिति के अध्यक्ष पद पर लखमू राम सलाम की नियुक्ति को मंजूरी दी।

ग्राम सभा के लिए अस्थायी बैठक स्थल निर्धारित करने सहित कई प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। CFRMC के बैंक खाते और पासबुक को ग्राम सभा के अधीन संचालित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इससे सामुदायिक वन संसाधनों से संबंधित निर्णयों और व्यवस्थाओं में ग्राम सभा की भूमिका को अधिक स्पष्ट एवं प्रभावी बनाने की दिशा में पहल के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान यानी DA-JGUA के तहत सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन की योजना तैयार करने को लेकर भी चर्चा हुई। इसके लिए तकनीकी सहयोगी, CSO और स्थानीय संस्था के चयन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

रावबेडामारी और कुमुड की इन पहलों से ग्राम स्तर पर महिलाओं की भागीदारी और सामुदायिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने का संदेश सामने आया है। ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्राम सभा को अधिक सहभागी और प्रभावी संस्था बनाने की प्रतिबद्धता जताई। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्राम सभा को मजबूती मिलने और सामुदायिक निर्णयों में स्थानीय लोगों की भूमिका बढ़ने की उम्मीद जताई गई।