भागूटोला में घुमंतू पशुओं की सेवा और संरक्षण की मिसाल, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया अनुकरणीय प्रयास

कवर्धा जिले के भागूटोला गांव में ग्रामवासियों ने घुमंतू पशुओं की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। गांव के लोग बारी-बारी से श्रमदान कर पशुओं की देखभाल कर रहे हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने देव पूर्णिमा के अवसर पर गांव पहुंचकर इस पहल की सराहना की और इसे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

Nov 5, 2025 - 19:07
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भागूटोला में घुमंतू पशुओं की सेवा और संरक्षण की मिसाल, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया अनुकरणीय प्रयास

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कवर्धा जिले से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित भागूटोला गांव के ग्रामवासियों ने घुमंतू पशुओं की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां के ग्रामीणों ने सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर सड़कों और आसपास विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं की देखरेख का बीड़ा उठाया है। ग्रामवासियों ने तय किया है कि वे बारी-बारी से समय और श्रमदान कर इन पशुओं की सेवा करेंगे।

 

देव पूर्णिमा के अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू भागूटोला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी पहल की सराहना की और कहा कि यह कार्य न केवल मानवता का प्रतीक है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और पशुओं की बेहतर देखरेख भी संभव होगी। उन्होंने कहा कि “भागूटोला के ग्रामवासी समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे जिले के अन्य गांवों को भी अपनाना चाहिए।”

 

ग्रामवासियों की इस पहल में यह तय किया गया है कि गांव के आठ से दस व्यक्ति प्रतिदिन मिलकर इन घुमंतू पशुओं को चराने, खिलाने और उनकी देखभाल करने का कार्य करेंगे। वर्तमान में गांव में लगभग 300 से 350 पशुओं की नियमित रूप से देखरेख की जा रही है। पशुओं के लिए गांव के एक खाली स्थान पर चारापानी की समुचित व्यवस्था की गई है। यह पहल न केवल पशु संरक्षण को प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि गांव की सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना को भी मजबूत कर रही है।

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराएं हमेशा से प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशील रही हैं। इस पहल के माध्यम से भागूटोला के लोगों ने परंपरा और आधुनिक सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर समन्वय किया है। उन्होंने देव पूर्णिमा के अवसर पर ग्रामवासियों के साथ गौमाता को पारंपरिक ‘सुहई’ पहनाकर पूजा-अर्चना की और इसे गौसेवा का वास्तविक स्वरूप बताया।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि ग्रामवासियों की यह पहल समाज में संवेदना और एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि “भागूटोला के लोगों ने यह दिखा दिया है कि अगर सामूहिक इच्छा और सहयोग हो तो किसी भी स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव है।” उन्होंने कहा कि यह पहल अन्य गांवों के लिए प्रेरणादायक बननी चाहिए।

ग्रामवासी श्री पवन पटेल ने बताया कि यह योजना लगभग तीन महीने पहले शुरू की गई थी। ग्राम सभा की बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव के सभी लोग मिलकर सड़क और आसपास घूमने वाले पशुओं की जिम्मेदारी उठाएंगे। इसके बाद ग्रामवासियों ने समूह बनाकर कार्य विभाजन किया। अब यह व्यवस्था पूरे गांव के सहयोग से निरंतर जारी है।

भागूटोला के ग्रामीणों की यह पहल न केवल पशुओं की रक्षा और सेवा का उदाहरण है, बल्कि मानवता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की जीवंत मिसाल बन गई है। कलेक्टर ने कहा कि जिले के अन्य ग्राम यदि इस मॉडल को अपनाते हैं तो इससे न केवल पशु कल्याण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण समाज में एकता और संवेदना का भी विस्तार होगा।