ग्राम पंचायतों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रचार हेतु वॉल पेंटिंग अभियान शुरू
रायगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए वॉल पेंटिंग अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के तहत ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर वॉल पेंटिंग अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान कलेक्टर के निर्देशानुसार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
अभियान के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थलों, पंचायत भवनों, स्कूलों की दीवारों और प्रमुख चौक-चौराहों पर आकर्षक और संदेशात्मक चित्र बनाए जा रहे हैं। इन चित्रों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, कचरे के सही निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी दी जा रही है।
विशेष रूप से कचरे के चार प्रकार के पृथक्करण पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री शामिल हैं। ग्रामीणों को यह समझाया जा रहा है कि यदि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण किया जाए तो न केवल गांव स्वच्छ रहेगा, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
वॉल पेंटिंग अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। इस पहल से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन देखने को मिल रहा है और लोग धीरे-धीरे अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वॉल पेंटिंग जैसे सरल लेकिन प्रभावी माध्यम से संदेश आसानी से लोगों तक पहुंचता है और वे इसे लंबे समय तक याद रखते हैं।
इस अभियान से न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण समुदाय में पर्यावरण संरक्षण की भावना भी मजबूत होगी। साथ ही यह पहल सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे आने वाले समय में गांवों में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।