एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा

रायपुर में आयोजित एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की। सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, कर्मचारियों के योगदान और नई सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।

Jun 14, 2026 - 10:21
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एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में एनएचएम कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों की मेहनत और समर्पण से संभव हो पा रहा है। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यों का सम्मान करती है और उनके हितों के प्रति प्रतिबद्ध है

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया महामारी के संकट से जूझ रही थी, तब स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की। उनके समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ने लाखों लोगों को राहत पहुंचाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां सड़क और परिवहन की सुविधाएं सीमित हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर और नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। अभियान के तहत अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और पिछले ढाई वर्षों में इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

उन्होंने बताया कि नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से सुकमा तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कई मांगों को पूरा किया जा चुका है और स्थानांतरण नीति भी लागू कर दी गई है। साथ ही एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल करने की घोषणा भी की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा 116 नए विशेषीकृत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद सम्मेलन में उपस्थित कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पुरंदर मिश्रा, धीरेंद्र तिवारी, अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।