अभिजीत दीपके का ऐलान, छात्रों को परेशान किया गया तो CJP करेगी बड़ा आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों को पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो संगठन जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा। साथ ही CJP ने छात्रों को कानूनी सहायता देने, ‘साक्षी’ पोर्टल के माध्यम से सबूत जुटाने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी मुहिम जारी रखने की बात कही है।

Jul 29, 2026 - 12:52
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अभिजीत दीपके का ऐलान, छात्रों को परेशान किया गया तो CJP करेगी बड़ा आंदोलन

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर छात्रों और आंदोलनकारियों के मुद्दे को लेकर सरकार तथा प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों को कथित रूप से परेशान करने का सिलसिला नहीं रुका तो पार्टी जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन आयोजित करेगी। उनका कहना है कि विभिन्न स्थानों से छात्रों को परेशान किए जाने और उन पर दबाव बनाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में कहा कि सरकार को छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े लोगों पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस की कार्रवाई जारी रही तो कॉकरोच जनता पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उनके अनुसार संगठन छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की कथित दमनात्मक कार्रवाई का विरोध करेगा।

दीपके ने यह भी कहा कि आंदोलन का एक चरण समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि पूरी मुहिम खत्म हो गई है। उनका कहना है कि संगठन अभी भी शिक्षा, युवाओं के अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इन विषयों पर संगठन की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

इस बीच CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संगठन आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उनके अनुसार कई छात्रों को कानूनी मामलों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उन्हें उचित सलाह और कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं से भी संपर्क किया गया है, ताकि जरूरतमंद छात्रों को सहायता मिल सके।

सौरव दास ने यह भी जानकारी दी कि संगठन जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा, जिसके माध्यम से देशभर के छात्र कानूनी विशेषज्ञों और वकीलों से जुड़ सकेंगे। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को कानूनी सहायता तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना और शिक्षा से जुड़े मामलों में उनकी मदद करना है। हालांकि पोर्टल के औपचारिक लॉन्च और संचालन की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इसी क्रम में संगठन ने ‘साक्षी’ नाम से एक पोर्टल भी शुरू करने की घोषणा की है। CJP का दावा है कि इस मंच के माध्यम से विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित घटनाओं से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र किए जाएंगे। संगठन का कहना है कि इन साक्ष्यों का उपयोग आवश्यक होने पर कानूनी प्रक्रिया में किया जाएगा और संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने का प्रयास किया जाएगा।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी हाल ही में कहा था कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू कर सकता है। उन्होंने मांग की थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नए मामले दर्ज न किए जाएं और पहले से दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों के बाद इस विषय पर चर्चा और तेज हो गई है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि छात्रों के खिलाफ अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई से बचा जाना चाहिए तथा जिन नाबालिगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए। अदालत की इन टिप्पणियों के बाद छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस और अधिक गहरा गई है। वहीं, CJP ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी मुहिम आगे भी जारी रखेगी।