जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, सातवीं बार बने विशेष आमंत्रित भारतीय प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। स्लोवाकिया की यात्रा करने वाले वह स्वतंत्र स्लोवाकिया के इतिहास में पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

Jun 13, 2026 - 15:14
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जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, सातवीं बार बने विशेष आमंत्रित भारतीय प्रधानमंत्री

UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिवसीय विदेश दौरे पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ कई देशों के प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं करेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी की सातवीं फ्रांस यात्रा है, जबकि स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद स्लोवाकिया की यात्रा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी 17 जून को फ्रांस के एवियन क्षेत्र में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सातवीं बार होगा जब उन्हें जी-7 सम्मेलन में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में भाग लेने का अवसर मिला है। सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा और निवेश से जुड़े विषयों पर हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य के सहयोग को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी।

फ्रांस प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से “भारत इनोवेट्स” कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह पहल भारत और फ्रांस के बीच नवाचार तथा स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, नवाचार विशेषज्ञ और निवेशक भाग लेंगे। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नवाचार आधारित साझेदारी को मजबूत करना है।

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई विश्व नेताओं से मुलाकात होने की संभावना है। कूटनीतिक दृष्टि से यह बैठकें भारत के वैश्विक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका और वैश्विक मुद्दों पर उसके दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया पहुंचेंगे। यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां की आधिकारिक यात्रा करेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को नई मजबूती दे सकती है। जी-7 जैसे प्रभावशाली मंच पर भारत की उपस्थिति न केवल देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर भारत के प्रभाव को भी मजबूत करती है। फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ सहयोग के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।