WCL बड़कुही अस्पताल में फर्जी अंकसूची से नौकरी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के बड़कुही अस्पताल में एक कर्मचारी पर फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 13:47
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WCL बड़कुही अस्पताल में फर्जी अंकसूची से नौकरी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के बड़कुही अस्पताल से फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ एक कर्मचारी वर्षों से कथित रूप से जाली अंकसूची के आधार पर सेवा दे रहा है। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

शिकायत के अनुसार, संबंधित कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गईं और मामले को दबाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों और अन्य संबंधित स्तरों पर सांठगांठ के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार से वंचित कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करना गंभीर अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि जब संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, तब भी अब तक जांच पूरी क्यों नहीं हुई और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि मामले को लंबे समय से लंबित रखकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों और कुछ कर्मचारियों ने पूरे मामले की विजिलेंस अथवा सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाती है तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में अभी तक WCL प्रबंधन या संबंधित शिक्षा विभाग की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या खंडन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता सक्षम एजेंसी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला शिकायतों और आरोपों के आधार पर जांच की मांग के केंद्र में है तथा स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चा जारी है।