अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि प्रकरण की जांच शुरू, कलेक्टर ने बनाई चार सदस्यीय समिति

बेमेतरा में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

Jun 13, 2026 - 15:05
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अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि प्रकरण की जांच शुरू, कलेक्टर ने बनाई चार सदस्यीय समिति

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना,  बेमेतरा l बेमेतरा जिले में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि से जुड़े एक कथित रिश्वत प्रकरण को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सिंघनपुरी निवासी नीलेश बंजारे ने 11 जून 2026 को जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया था कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कराने के नाम पर उनसे धनराशि की मांग की गई। शिकायत में संबंधित कर्मचारी पर प्रोत्साहन राशि जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितता और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 12 जून 2026 को जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार समिति मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करेगी और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

गठित जांच समिति में वित्त शाखा की प्रभारी अधिकारी दिव्या पोटाई, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग चंद्रवेश सिसोदिया तथा लीड बैंक अधिकारी सुशील सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जांच के दायरे में केवल संबंधित शिकायत ही नहीं, बल्कि मार्च 2026 से अब तक स्वीकृत और लंबित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि के प्रकरणों की भी पड़ताल की जाएगी। समिति पात्रता संबंधी दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया और राशि वितरण से जुड़े रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि मामले से जुड़ा एक वीडियो और अन्य तथ्य भी प्रशासन के संज्ञान में आए हैं, जिसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए। आरोप न्यायालय परिसर में पदस्थ एक कर्मचारी से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट अभिमत सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रशासनिक और वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।

इस प्रकरण ने जिले में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। योजना का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। ऐसे में योजना से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोपों को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।

अब जिलेवासियों और संबंधित पक्षों की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।